चंडीगढ़ में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर हिमाचलियों को मिलीं लाठियां

चंडीगढ़ में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर हिमाचलियों को मिलीं लाठियां

यंगवार्ता न्यूज़ - चंडीगढ़ 03-05-2020

हिमाचल सरकार की चंडीगढ़ से हिमाचलियों को वापस लाने की मुहिम पहले ही दिन कुप्रबंधन का शिकार हो गई। प्रदेश सरकार ने चंडीगढ़ से राज्य के विभिन्न हिस्सों से रविवार सुबह करीब 55 बसें भेजी।

ऊना, कांगड़ा, चंबा और हमीरपुर जिले के लोगों को लाने के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बुला तो लिया, लेकिन आदेश स्पष्ट न होने से वहां लोगों की भीड़ लग गई। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए स्थानीय पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।

ऊना के अजय भारती ने बताया कि वह परिवार सहित सुबह 5:30 बजे लाइन में लगे थे, लेकिन दो घंटे बाद भी उनका नंबर नहीं आया। यहां तक कि पुलिस ने उन पर लाठी तक चला दी। सभी औपचारिकताएं पूरी कर इतना इंतजार करने के बावजूद उन्हें बस में बैठने नहीं दिया।

ऐसे सैकड़ों लोगों को हिमाचल भवन से वापस आना पड़ा। भारती ने कहा कि वह प्रदेश सरकार से इस घटना की शिकायत करेंगे। सरकार को जिलावार बसें लगाकर लोगों को सुविधा देनी चाहिए। हालांकि रविवार को काफी बसें चंडीगढ़ में फंसे विद्यार्थियों सहित अन्य लोगों को लेकर मैहतपुर से प्रवेश हुईं।

उधर उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि रविवार को कांगड़ा, चंबा, ऊना और हमीरपुर के लोगों को बसों में लाया गया। 4 और 5 मई का शेड्यूल भी जारी हो गया है।लॉकडाउन के बाद से ही चंडीगढ़ में फंसे हिमाचल के लोगों की घर वापसी शुरू हो गई है।

रविवार को एचआरटीसी की विशेष बसों से ऊना, कांगड़ा, चंबा और हमीरपुर जिलों के करीब 1314 लोगों को वापस लाया गया। इनका पहले प्रदेश के बार्डर मैहतपुर में थर्मल स्क्रीनिंग और पूरा मेडिकल चेकअप हुआ। इनके नाम, पते दर्ज करने के बाद इन्हें संबंधित जिलों को भेज दिया, जहां जिलों के बॉर्डर पर इन्हें दो दिन के लिए क्वारंटीन किया गया।

दो दिन के बाद इन्हें होम क्वारंटीन किया जाएगा। ऊना जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 163 लोग सैनिटाइज की गई निगम की छह बसों से पहुंचे। इन्हें स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी लाकर फिर मेडिकल चेकअप हुआ।

जिन लोगों का तापमान सामान्य से अधिक पाया गया, उनकी सैंपलिंग की गई। इसके बाद जिले में लौटे विद्यार्थियों को बसदेहड़ा और जखेड़ा में संस्थागत क्वारंटीन किया गया, जबकि परिवार के बड़े लोगों को होटलों में रखा है। दो दिन बाद इन्हें होम क्वारंटीन किया जाएगा।