रोजगार परख और युवाओं को दक्ष बनाएगी नई शिक्षा नीति : एचके चौधरी

रोजगार परख और युवाओं को दक्ष बनाएगी नई शिक्षा नीति : एचके चौधरी

यंगवार्ता न्यूज़ - काँगड़ा    10-10-2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा और अनुसंधान ’पर एक इंटरैक्टिव चर्चा के दौरान आज डॉ. एचके चौधरी कुलपति कृषि विश्वविद्यालय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने मानव संसाधनों की विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों के बीच तालमेल विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ( एनईपी 2020 ) पर व्यापक रूप से चर्चा की गई है और कार्यान्वयन प्रक्रिया में है। उनका विश्वविद्यालय अपेक्षित कदम उठाते हुए इसके कार्यान्वयन पर तेजी से नज़र रख रहा था। उन्होंने कहा कि एनइपी छात्रों की प्रवीणता बढ़ाने के लिए मौजूदा प्रणाली के साथ शिक्षा के डिजिटल माध्यम को एकीकृत करके सीखने का एक सम्मिश्रित मॉडल प्रदान करेगा।

प्रोफ़ेसर चौधरी ने कहा कि नए युवा उद्यमियों के लिए मानव संसाधन विकास और उद्यमिता प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रगामी नवीन तंत्र की स्थापना की जाएगी। देश की समृद्ध विरासत पर चर्चा की करते हुए उन्होंने कहा कि नालंदा जैसे विश्व स्तरीय उच्च शिक्षा संस्थान शामिल हैं जिन्हें आक्रमणकारियों द्वारा व्यवस्थित रूप से समाप्त कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि एनईपी के लागू होने से देश सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ेगा। कुलपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि फार्म विश्वविद्यालय में नामांकन जुनून से होना चाहिए जो स्कूलों में कृषि शिक्षा की शुरुआत करके हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने का भी आग्रह किया। कुलपति ने संकाय की क्षमता बढ़ाने, कार्य उत्पादकता में सुधार, बाजार आधार लिंकेज के लिए नीतिगत हस्तक्षेप, स्थानीय और पारंपरिक ज्ञान के तालमेल, ऑनलाइन सीखने, पर्यावरण के अनुकूल उत्पादकता आदि जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।

प्रोफ़ेसर नागेश ठाकुर सदस्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एनपी 2020 की उत्पत्ति पर जानकारी देते हुए बताया कि यह नीति देश की जरूरतों और उभरती हुई चुनौतियों के अनुसार है क्योंकि यह सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श पर आधारित है।

कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. रमेश कटारिया ने बताया कि वर्तमान कृषि शिक्षा में व्यावहारिक और कौशल घटक हैं, लेकिन नई शिक्षा नीति इसे और अधिक अविष्कारशील बनाएगी। कार्यक्रम में डॉ. परदीप कुमार अध्यक्ष कृषि वैज्ञानिक फोरम और डीन केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, डॉ. संजय शर्मा अध्यक्ष कृषि एचपी और डॉ. जनार्दन सिंह सचिव कृषि वैज्ञानिक फोरम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसमें विभाग के प्रमुख और वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।