लाहौल-स्पीति में चंद्राभागा की लहरों पर पहली बार राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक 

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में चंद्राभागा की लहरों पर युवा और सैलानी पहली बार राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे

लाहौल-स्पीति में चंद्राभागा की लहरों पर पहली बार राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक 

यंगवार्ता न्यूज़ -  लाहौल-स्पीति   04-05-2022

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में चंद्राभागा की लहरों पर युवा और सैलानी पहली बार राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। अटल विहारी पर्वतारोहण संस्थान की विशेषज्ञ टीम और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्रा और भागा नदी पर तीन स्थानों को रिवर राफ्टिंग के लिए चिन्हित किया है। 

इसमें फिलहाल भागा नदी पर दारचा से जिस्पा तक जबकि चंद्रा नदी पर अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से पागल नाला और मूलिंग पुल से तांदी संगम तकर राफ्टिंग होगी। इन तीनों की लंबाई तीन से चार किलोमीटर तक है। साहसिक खेलों से जुड़े तीन संस्थानों ने रिवर रफ्टिंग के लिए जिला प्रशासन के पास अपना पंजीकरण भी कर लिया है।

चंद्राभागा नदी पर जिला प्रशासन ने फिलहाल किसी को व्यवसायिक तौर पर रिवर राफ्टिंग करने की अनुमति नहीं दी है।  हिमाचल में बहने वाली तमाम नदियों में चंद्राभागा नदी के पानी का वॉल्यूम सबसे अधिक नापा गया है। 

इसकी लहरों पर राफ्टिंग का अलग रोमांच होगा। रिवर राफ्टिंग के लिए प्रति सैलानी कितनी रकम वसूली जानी है। इसके लिए प्रशासन और रिवर राफ्टिंग से जुड़ी संस्थाओं की जल्द बैठक बुलाई जाएगी। 

जिला पर्यटन अधिकारी प्रिया नागटा ने बताया कि भागा नदी पर दारचा से जिस्पा तक रिवर राफ्टिंग के लिए पहले ही चिन्हित है। जबकि चंद्रा नदी पर अटल टनल नॉर्थ पोर्टल से पागल नाला और मूलिंग पुल से तांदी संगम तक दो नए स्थानों को अटल विहारी पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ टीम के साथ मिल कर जिला प्रशासन ने चिन्हित किया है। 

उन्होंने बताया कि रिवर राफ्टिंग के लिए तीन संस्थानों ने प्रशासन के पास पंजीकरण किया है। राफ्टिंग के लिए प्रति सवारी कितना किराया लिया जाएगा, इसके लिए जल्द बैठक बुलाई जाएगी।


चुनावों में सोशल मीडिया का होता है सकारात्मक योगदान : विकेश 

यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब 

सिरमौर ज़िला के संयोजक विकेश तोमर ने कहा की श्री नैना देवी जी बिलासपुर में हुए दो दिवसीय प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग के बाद अब ज़िला सिरमौर के हर विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग होंगे।उन्होंने कहा कि संगठन और आइटी एवं सोशल मीडिया पर विस्तृत रूप से जानकारी वर्ग में कार्यकर्ताओं को मिलेगी। 

उन्होंने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को बताया जाएगा कि कैसे सोशल मीडिया का सदुपयोग किया जाये और क्या प्रभाव सोशल मीडिया से समाज पड़े हैं। विकेश  ने कहा की सोशल मीडिया का राजनीति पर अत्यधिक प्रभाव है भारतीय राजनीति बदल रही है और परिवर्तनों के इस दौर में लोगों के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया सबसे बेहतर साधन है। 

भाजपा के नेताओं ने ग्राम क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्तियों और वर्कर (श्रमिक) लोगों के साथ सोशल मीडिया को प्रासारित किया ताकि अधिकतर व्यक्तियों तक यह सुविधा पहुँच सके। 


सोशल मीडिया ने राजनीति को विशेष रूप से प्रभावित किया है और इसलिए राजनीति के प्रति लोगों की अधिक रूचि बढ़ गई है, राजनीतिक पार्टियों ने सोशल मीडिया को जनसंपर्क कार्यप्रणाली के प्रचार में प्रयोग करके अधिक लोकप्रिय बना दिया है। लगभग हर पार्टी फेसबुक और ट्विटर पर आधिकारिक तौर पर शामिल हैं। 

जिसके माध्यम से वे लोग राजनीतिक अपडेट्स, प्रेस विज्ञप्तियाँ और अपने अभियानों के बारे में संदेश भेजा करते हैं। आधुनिक समय में सोशल मीडिया राजनीति का एक अभिन्न हिस्सा रहा है और इस सोशल मीडिया का समाज में निरंतर विकास भी हो रहा है।