ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सहकारिता निभा रही  अहम भूमिका : चन्द्रशेखर

विधायक चन्द्रशेखर ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहकारिता से ही मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए सहकारी सभाओं को और अधिक मजबूत करना होगा। विधायक चंद्रशेखर रविवार को 70वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला सहकारी विकास संघ मंडी व सहकारिता विभाग द्वारा विकासखंड धर्मपुर के सिद्धपुर स्थित मशरूम उत्पादन/प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित किया गया

Nov 19, 2023 - 19:30
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सहकारिता निभा रही  अहम भूमिका : चन्द्रशेखर
यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  19-11-2023
विधायक चन्द्रशेखर ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहकारिता से ही मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए सहकारी सभाओं को और अधिक मजबूत करना होगा। विधायक चंद्रशेखर रविवार को 70वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला सहकारी विकास संघ मंडी व सहकारिता विभाग द्वारा विकासखंड धर्मपुर के सिद्धपुर स्थित मशरूम उत्पादन/प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर छोटी-छोटी सभाओं का गठन करना होगा। 
उन्होंने कहा कि किसानों को व्यवसायियों की लूट से बचाने तथा उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध करवाने व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सहकारिता की अहम भूमिका है। उन्होंने सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। सहकारी सभाओं का हमारी अर्थव्यवस्था में बहुत योगदान है। सहकारी सभाओं में खादी, परिवहन, बैंकिंग आदि व्यवसाय से अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। उन्होंने कहा कि धर्मपुर में दूध व इससे बनने वाले उत्पादों का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। सहकारी सभाओं को धर्मपुर में इस व्यवसाय में कार्य करना चाहिए ताकि दुध व अन्य उत्पादों को सही बाज़ार मिल सके। 
उन्होंने बताया कि जिला मंडी में सबसे अधिक मात्रा में बांस धर्मपुर में ही पाया जाता है तथा बांस के उत्पाद तैयार कर अच्छी आमदनी की जा सकती है। इसके अतिरिक्त रेशम पालन की भी असीम संभावनाएं हैं। सहकारी सभाएं इन क्षेत्रों में भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि सहकारी सभाओं की 600 से अधिक शाखाओं में 1000 करोड़ रुपये तक के कार्य चल रहे हैं तथा 250 करोड़ तक का कर्ज कम ब्याज दरों पर सहकारी सभाओं द्वारा मुहैया करवाया गया है। सहकारी सभाएं 22000 करोड़ की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान ही सहकारिता के बीज बोए गए थे। असहयोग आंदोलन  सहकारिता के कारण कारगर साबित हो पाया था।  उन्होंने सहकारिता को आगे ले जाने के लिए सभी सहकार बंधुओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सभाओं को सम्मानित किया गया। 
जिला स्तर पर दी पौण्टा ग्राम सेवा सहकारी सभा सरकाघाट प्रथम स्थान पर, दी गाहर ग्राम सेवा सहकारी सभा गाहर सरकाघाट दूसरे स्थान पर जबकि संधोल कृषि सेवा सहकारी सभा संधोल तीसरे स्थान पर रहे। कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी विकास संघ व संचालक मण्डल के सदस्य शिव राम शर्मा, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं मंडी नरेन्द्र दत्त शर्मा , सचिव जिला सहकारी विकास संघ मंडी बसंत सिंह ठाकुर, निदेशक जिला सहकारी विकास संघ मंडी धर्म सिंह, अश्वनी पठानिया जिला प्रबंधक राज्य सहकारी बैंक, बृज लाल शर्मा कौल चंद ठाकुर,  रवि सिंह सहित जिला भर के सहकारी सभाओं के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य उपस्थित रहे।    

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