बेरोजगारी घटाने में सहायक सिद्ध होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : शिक्षा मंत्री 

बेरोजगारी घटाने में सहायक सिद्ध होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : शिक्षा मंत्री 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर कार्यशाला आयोजित

यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन   14-09-2021

शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को सर्व सुलभ बनाकर भारत को ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्टार्स परियोजना के तहत किया गया।

गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विषय में सभी हितधारकों को पूर्ण जानकारी प्रदान कर उनके सुझाव आमन्त्रित करने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। यह प्रदेश की ऐसी चैथी कार्यशाला है। इससे पूर्व प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू एवं मण्डी जिलों में ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ऐसी प्रथम शिक्षा नीति है जिसे देशभर में परामर्श की सघन प्रक्रिया के उपरान्त तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6600 विकास खण्डों, 06 हजार स्थानीय शहरी निकायों तथा 676 जिलों से प्राप्त लगभग 02 लाख से अधिक सुझावों को इस नीति में स्थान दिया गया है। 

गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करना है। उन्होंने का कि इस नीति के विभिन्न उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से समग्र रूप से लाभान्वित करने और सभी हितधारकों के सुझावों के क्रियान्वयन के लिए ही कार्यशाला आयोजित की गई है। 

सभी जिलों में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं में प्रस्तुत सुझावों को राज्य स्तर पर साझा कर कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्यशाला में अध्यापकों के साथ-साथ अभिभावक, शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संगठन, निर्वाचित प्रतिनिधि एवं छात्रों को आमन्त्रित किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि शिक्षण प्रणाली एवं समान शिक्षा की दिशा में समरूपता लाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सन्दर्भ में खुलकर अपने सुझाव प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बेरोजगारी कम करने में सहायक सिद्ध होगी। ऐसा प्रयास किया जाएगा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बनें।


इस अवसर पर पूर्व सांसद, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र कश्यप, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, नालागढ़ के पूर्व विधायक के.एल. ठाकुर, शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, निर्वाचित प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति  उपस्थित थे।