मोदी है तो मुमकिन है : पहली बार के विधायक भूपेन्द्र पटेल को बनाया गुजरात का मुख्यमंत्री

गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अचानक इस्तीफा देने के एक दिन बाद आज ज़बरदस्त राजनीतिक गहमागहमी

मोदी है तो मुमकिन है : पहली बार के विधायक भूपेन्द्र पटेल को बनाया गुजरात का मुख्यमंत्री

न्यूज़ एजेंसी - गांधीनगर  12-09-2021

गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अचानक इस्तीफा देने के एक दिन बाद आज ज़बरदस्त राजनीतिक गहमागहमी और अटकलबाजियों के बीच भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल को उनका उत्तराधिकारी चुन लिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के करीबी 59 वर्षीय पटेल वर्ष 2017 के पिछले चुनाव में ही पहली बार विधायक चुने गए थे। वह पटेल के विधानसभा क्षेत्र अहमदाबाद के घाटलोडिया से एक लाख से अधिक वोटों से जीते थे।

घाटलोडिया पटेल के स्वजातीय पाटीदार समुदाय की बहुलता वाला विधानसभा क्षेत्र है। वह मूल रूप से अहमदाबाद के ही रहने वाले है। उनके नाम की घोषणा से एक बार फिर भाजपा का सबको चौकाने वाला निर्णय सामने आया है।

हालांकि पूर्व की अटकलों के अनुरूप श्री पटेल पाटीदार समुदाय से ही आते हैं पर उनके नाम की दूर-दूर तक कोई चर्चा नहीं थी।

सत्तारूढ़ भाजपा के यहां के निकट कोबा स्थित प्रदेश मुख्यालय श्री कमलम में हुई पार्टी विधायक दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दो केंद्रीय निरीक्षकों में से एक नरेंद्र तोमर ने पटेल के भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने की घोषणा की। उ

न्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी ने भूपेन्द्र पटेल के रूप में एकमात्र नाम का प्रस्ताव किया जिसका अनुमोदन पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल समेत अन्य विधायकों ने किया। पेशे से बिल्डर रहे पटेल उस सरदारधाम ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं जिनके भवन का उद्घाटन अहमदाबाद में ऑनलाइन कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उसी कार्यक्रम के बाद रूपाणी ने अचानक इस्तीफा दे दिया था।

अहमदाबाद अर्बन डिवेलप्मेंट अथॉरिटी के प्रमुख रहे पटेल कार्यकाल के हिसाब से गुजरात के 22 वें तथा चेहरे के लिहाज़ से 17वें मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले उनकी पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हुई।

केंद्रीय निरीक्षकों ने कोर ग्रुप के साथ चर्चा भी की। बैठक में तीन केंद्रीय निरीक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद जोशी (दोनो केंद्रीय मंत्री) तथा पार्टी के केंद्रीय महामंत्री तरुण चुघ , प्रदेश प्रमुख सीआर पाटिल और प्रदेश प्रभारी भूपेन्द्र यादव भी उपस्थित थे।

ज्ञातव्य है कि रूपाणी के इस्तीफे के बाद से अधिकतर राजनीतिक प्रेक्षकों का यह मानना था कि अगला मुख्यमंत्री राज्य में दबंग माने जाने वाले पाटीदार समुदाय का होगा। और ऐसा हुआ भी।

जबकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पाटीदार जाति के दो केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, परशोत्तम रुपाला , उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, राज्य भाजपा उपाध्यक्ष गोरधन झड़फिया, पूर्व मंत्री प्रफुल्ल पटेल, निर्वर्तमान कृषि मंत्री आर सी फलदु प्रमुख थे।

 इनके अलावा राज्य के क़ानून मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, भाजपा प्रमुख सी आर पाटिल, वन मंत्री गणपत वसावा जैसे ग़ैर पाटीदार नेताओं के नाम भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे थे। वैसे भाजपा आलाकमान को ऐसे मामलों में ‘आश्चर्य’ में डालने वाले फैसले लेने के लिए पहले से जाना जाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।