यंगवार्ता न्यूज - किन्नौर 30 जुलाई, 2026 :
किन्नौर कैलाश यात्रा वीरवार से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। यात्रा के पहले दिन तंगलिंग गांव से 107 श्रद्धालुओं रवाना हुए, जिनमें पांच महिला श्रद्धालु भी शामिल रहीं। पहले दिन ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले 175 श्रद्धालुओं में से मात्र 50 ही यात्रा करने पहुंचे, जबकि दोपहर 12 बजे तक 57 श्रद्धालुओं ने तंगलिंग बेस कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण कराया, जिन्हें यात्रा पर भेजा गया। दोपहर 12 बजे के बाद आने वाले श्रद्धालुओं को अगले दिन यात्रा पर भेजा जाएगा।
पहले दिन यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही, लेकिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा पर रवाना हुए। श्रद्धालुओं को भेजने से पहले उनके चिकित्सा फिटनेस प्रमाण की जांच की गई। जिन श्रद्धालुओं ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं बनाए थे, उनकी मौके पर जांच की गई। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे ट्रैक पर चिकित्सा, पुलिस और आपदा प्रबंधन (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें आपात स्थिति में त्वरित मदद पहुंचाने के लिए मौजूद रहेंगी।
यात्रा मार्ग पर जोखिम वाली जगहों पर रस्सियां लगाई गई हैं। इसके अलावा तंगलिंग बेस कैंप पर करीब 60 श्रद्धालुओं के रहने की मुफ्त व्यवस्था की गई है। जबकि, यात्रा के दूसरे बेस कैंप गणेश बाग में निजी शिविरों में 1300 रुपये प्रति श्रद्धालु निर्धारित किए हैं। इन राशि एक बिस्तर, रात का भोजन और सुबह का नाश्ता मिलेगा। प्रशासन ने एक दिन में कुल 375 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी है। 4 अगस्त तक ऑनलाइन पोर्टल पर सभी स्लॉट बुक हैं। प्रशासन अब ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 5 अगस्त को फिर से खोलेगा। ऑफलाइन पंजीकरण तंगलिंग बेस कैंप पर रोजाना हुआ करेगा।
बता दें कि किन्नौर कैलाश यात्रा का 16 किलोमीटर लंबा मार्ग अत्यंत दुर्गम है। श्रद्धालुओं को 6,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक शिवलिंग तक पहुंचना होता है। रास्ते में उफनती नदियां, ग्लेशियर और ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर बाधाएं आती हैं। यह मार्ग अपनी कठिनाइयों के लिए जाना जाता है, जिसके लिए विशेष तैयारी की आवश्यकता होती है।