सरकार के दांव से फीकी पड़ी हड़ताल, बैकफुट पर आई चालक-परिचालक यूनियन

एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन सरकार के कड़े रुख और व्यापक वैकल्पिक इंतजामों के बाद बैकफुट पर आ गई। यूनियन को निगम के अन्य कर्मचारी संगठनों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जिसके चलते आंदोलन संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा।

Jun 25, 2026 - 12:32
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सरकार के दांव से फीकी पड़ी हड़ताल, बैकफुट पर आई चालक-परिचालक यूनियन

यंगवार्ता न्यूज शिमला 25 जून, 2026 :

 

एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन सरकार के कड़े रुख और व्यापक वैकल्पिक इंतजामों के बाद बैकफुट पर आ गई। यूनियन को निगम के अन्य कर्मचारी संगठनों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, जिसके चलते आंदोलन संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा। इस बीच यूनियन के पदाधिकारी सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम के साथ बैठक करने भी पहुंचे, जहां विभिन्न मांगों और विवादित मुद्दों पर चर्चा हुई।

सरकार ने संभावित बस सेवा बाधित होने की स्थिति को देखते हुए पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली थी। एचआरटीसी में 656 अस्थायी चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जबकि हाल ही में पदोन्नत हुए चालकों और परिचालकों को भी बस संचालन में लगाया गया। इसके अलावा निगम प्रबंधन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों की तैनाती की योजना तैयार कर दी। सरकार की ओर से एस्मा लागू किए जाने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।
 
चालक-परिचालकों के हड़ताल पर जाने के फैसले के निर्णय के बाद एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन की निगम प्रबंधन निपुण जिंदल के साथ बैठक हुई। इसमें यूनियन ने हड़ताल पर न जाने की बात ही। यूनियन के अध्यक्ष समर चौहान ने बताया कि सरकार ने एस्मा लगाया है। ऐसे में हड़ताल पर जाने का औचित्य नहीं बनता है।

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