यंगवार्ता न्यूज ऊना 21 जून, 2026 :
जिले के हरोली के सीमावर्ती क्षेत्र का एक व्यक्ति करीब 30 वर्षों तक नशा तस्करी से जुड़ा रहा। उसने अफीम, भुक्की और चूरा-पोस्त जैसे नशीले पदार्थों का धंधा किया। इसी दौरान उसका परिवार बसा और दो बेटे हुए। पिता को नशा बेचते और स्वयं सेवन करते देख दोनों बेटे भी नशे की गिरफ्त में आ गए। समय के साथ दोनों बेटों को चिट्टे की लत लग गई। पिता बाहर नशा बेचता रहा और बेटे इसे खरीदकर सेवन करते रहे। नशे की बढ़ती लत ने एक बेटे की जान ले ली। उसका शव एक सुनसान स्थान से बरामद हुआ। जांच में भी सामने आया था कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई थी। परिवार की त्रासदी यहीं नहीं रुकी। दूसरा बेटा आज भी चिट्टा तस्करी में कथित रूप से संलिप्त बताया जाता है। वहीं, नशे के कारोबार से जुड़े इस व्यक्ति को भी हरोली पुलिस ने मकोड़गढ़ क्षेत्र में गिरफ्तार किया था। उसके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान नशीला पदार्थ बरामद हुआ था। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि अब उसने तस्करी छोड़ दी है, लेकिन नशे की लत आज भी उसका पीछा नहीं छोड़ रही। उल्लेखनीय है कि हरोली क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान चार युवकों की नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। हीरां थड़ा, बीटन और गोंदपुर बुल्लां क्षेत्रों में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है।