गिरिपार के गेहल गाँव में 18 सालों बाद छाई पालकी जागरण में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़
सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में सदियों पुरानी देवीय परंपराओं का आज भी बखूबी पालन किया जा रहा है इन्हीं में से एक है गिरिपार में आयोजित होने वाले छाई पालकी जागरण की परंपरा ।
यंगवार्ता न्यूज हरिपुरधार 18 जून, 2026 :
सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में सदियों पुरानी देवीय परंपराओं का आज भी बखूबी पालन किया जा रहा है इन्हीं में से एक है गिरिपार में आयोजित होने वाले छाई पालकी जागरण की परंपरा ।
हरिपुरधार क्षेत्र के गेहल गांव में 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मां बिजाई का छाई पालकी जागरण आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं ।खास बात यह है कि पौराणिक गाँव बडोल से जागरण के लिए आज जब मां बिजाई की पालकी गेहल गांव के लिए रवाना हुई तो सैकड़ो की संख्या में लोग पैदल गेहल गांव के लिए रवाना हुए इस दौरान 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय करेंगे।
गेहल गाँव के लोगों ने बताया कि 18 सालों के बाद गेहल गांव में माँ बिजाई के जागरण का आयोजन होने जा रहा है जिसमें हजारों की संख्या में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से लोग शिरकत करेंगे । लोगों ने बताया कि कुलिष्ट देवी मां बिजाई से उनकी गहरी आस्था जुडी हुई है और माता की उन पर असीम कृपा बनी हुई है।उन्होंने बताया कि जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मां बिजाई अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की रक्षा करती हैं। यही कारण है कि इस आयोजन में दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
गिरिपार की देव संस्कृति अपनी अनूठी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए पूरे प्रदेश में विशेष पहचान रखती है। मां बिजाई के साथ उनकी आस्था पीढ़ियों से जुड़ी हुई है। देवी के प्रति अटूट विश्वास और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए लोग हर आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं
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