टांडा अस्पताल में हिमकेयर से बाहर हुए सारे टेस्ट, नई अधिसूचना जारी, दवाइयों की रीइंबर्समेंट बंद

आरपीजीएमसी टांडा अस्पताल में हिमकेयर की नई अधिसूचना के अंतर्गत मुफ्त में मिलने वाली सुविधाएं बंद हो गई है दवा प्रतिपूर्ति क्लेम रीइंबर्समेंट बंद हो गई है। अधिसूचना के अनुसार अब सरकारी अस्पतालों को वास्तविक व्यय अथवा निर्धारित पैकेज दरों में से जो कम होगी, उसी के आधार पर दावा प्रस्तुत करना होगा।

Jun 25, 2026 - 12:44
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टांडा अस्पताल में हिमकेयर से बाहर हुए सारे टेस्ट, नई अधिसूचना जारी, दवाइयों की रीइंबर्समेंट बंद

यंगवार्ता न्यूज बिलासपुर 25 जून, 2026 :

 
आरपीजीएमसी टांडा अस्पताल में हिमकेयर की नई अधिसूचना के अंतर्गत मुफ्त में मिलने वाली सुविधाएं बंद हो गई है दवा प्रतिपूर्ति क्लेम रीइंबर्समेंट बंद हो गई है। अधिसूचना के अनुसार अब सरकारी अस्पतालों को वास्तविक व्यय अथवा निर्धारित पैकेज दरों में से जो कम होगी, उसी के आधार पर दावा प्रस्तुत करना होगा।
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि अस्पतालों को किए गए वास्तविक खर्च का पूरा विवरण और बिल क्लेम के साथ जमा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कुछ खर्चों को क्लेम एवं बिलों का हिस्सा नहीं माना जाएगा। अधिसूचना के अनुसार पंजीकरण शुल्क, सामान्य वार्ड के बेड शुल्क, नर्सिंग एवं बोर्डिंग शुल्क, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और चिकित्सकों की फीस, एनेस्थीसिया, रक्त आधान , ऑक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर शुल्क तथा शल्य चिकित्सा उपकरणों की लागत को क्लेम में शामिल नहीं किया जाएगा और सबका भुगतान मरीजों को करना पड़ेगा।
 
इसके अलावा दवाइयों और औषधियोंए एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन व लैब जांच सहित पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी परीक्षणों, मरीज के भोजन तथा भर्ती से पहले और डिस्चार्ज के 15 दिन बाद तक होने वाले परामर्श, जांच और दवाइयों के खर्च को भी क्लेम के दायरे से बाहर रखा गया है। किसी भी एडमिट मरीज को छुट्टी के बाद 15 दिन तक की दवाइयां मुफ्त दी जाती थी, जिसकी अब पेमेंट करनी पड़ेगी। सूचना में यह भी स्पष्ट किया है कि उपचार से जुड़े ऐसे उपभोग्य सामान कंज्यूमेबल आइटम्स और अन्य खर्च, जो सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं तथा जिनका बजट राज्य सरकार द्वारा निर्धारित है, वे भी क्लेम योग्य नहीं होंगे।

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