यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 21-07-2026
हिमाचल प्रदेश के किसान एवं बागवानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने किसान, बागवानों और ऋण धारकों का के लिये OTS योजना लेकर आई है। इसके तहत ऋण धारकों का एकमुश्त निपटारा किया जाएगा। बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य के किसानों, बागवानों और ऋण धारकों के लिए एकमुश्त निपटान (OTS) योजनाओं के तहत बड़ी ब्याज माफी और राहत की घोषणा की है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से घाटे में चल रहा यह बैंक अब न केवल पूरी तरह से फायदे में लौट आया है , बल्कि जमा के मामले में देश के 16 प्रमुख कृषि बैंकों में शीर्ष स्थान हासिल करने में भी सफल रहा है।
पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा बैंक के परिसमापन ( लिक्विडेशन ) का प्रस्ताव लाया गया था, जिससे लगभग 350 कर्मचारियों के रोजगार और हजारों ऋणियों का भविष्य अधर में लटक गया था। हालांकि, राज्य सरकार के समय रहते हस्तक्षेप और ₹400 करोड़ की सरकारी गारंटी दिए जाने से बैंक को नया जीवन और सुदृढ़ आधार मिला है। उन्होंने कहा कि सहकारिता बैंक और राज्य सरकार की इस साझा पहल के तहत 31 मार्च 2025 तक के पुराने बकाया मामलों के निपटारे के लिए तीन नई ओटीएस योजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिनकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
छह महीनों के लिए प्रभावी इन योजनाओं के तहत मुख्य राहत के रूप में 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण लेने वाले किसानों और बागवानों के लिए 50% ब्याज माफ करने की घोषणा की गई है, जिसका वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अतिरिक्त, 2016 तक के पुराने बकायों के लिए 25% तक की छूट वाली योजनाएं भी शामिल हैं। ओटीएस के माध्यम से कुल ₹200 करोड़ के मूलधन के मामलों का निपटारा होने का अनुमान है। इसमें शामिल लगभग ₹48 से ₹50 करोड़ के ब्याज के हिस्से में से ₹24 करोड़ की सीधी माफी देकर राज्य सरकार यह भार खुद उठाएगी, जबकि शेष ₹24 करोड़ ग्राहकों द्वारा चुकाए जाएंगे। बैंक प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि अत्यधिक विषम परिस्थितियों के बिना किसी भी व्यक्ति की संपत्ति की नीलामी या बिक्री नहीं की जाएगी।
इस ब्याज माफी और एकमुश्त निपटान योजना से राज्य के लगभग 6,300 से अधिक किसान परिवारों और खाताधारकों को सीधा लाभ पहुंचेगा और वे भारी कर्ज के बोझ से मुक्त हो सकेंगे। इनमें स्टेट बैंक के 9 जिलों के लगभग 5,000 खाते और कांगड़ा प्राइमरी बैंक के कांगड़ा, हमीरपुर व ऊना जिलों के करीब 1,300 खाते शामिल हैं। इस योजना को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए बैंक का स्टाफ घर-घर जाकर ग्राहकों को इसकी जानकारी देगा। चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने मीडिया से भी अपील की है कि वे इन जनहितकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि प्रदेश का अधिक से अधिक किसान वर्ग इस ब्याज माफी व छूट का लाभ उठाकर कर्ज मुक्त हो सके।