चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे चल रही पीरन आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, ग्रामीणों ने रिक्त पद भरने की उठाई मांग
वर्ष 1962 से पीरन पंचायत में संचालित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी स्टाफ की भारी कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। स्थिति यह है कि वर्तमान में डिस्पेंसरी का संचालन केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व यहां तैनात आयुर्वेदिक चिकित्सक का तबादला बिलासपुर कर दिया गया था
यंगवार्ता न्यूज शिमला, 3 जुलाई, 2026 :
वर्ष 1962 से पीरन पंचायत में संचालित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी स्टाफ की भारी कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। स्थिति यह है कि वर्तमान में डिस्पेंसरी का संचालन केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व यहां तैनात आयुर्वेदिक चिकित्सक का तबादला बिलासपुर कर दिया गया था, जिसके बाद से चिकित्सक का पद रिक्त है। वहीं फार्मासिस्ट का पद पिछले तीन वर्षों से खाली पड़ा है, जबकि प्रशिक्षित दाई का पद करीब 30 वर्षों से नहीं भरा गया। 1970 के दशक में इस डिस्पेंसरी में चिकित्सक सहित चार कर्मचारी कार्यरत रहते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार बिना स्टाफ वाले आयुर्वेदिक संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। ऐसे में पीरन पंचायत के लोगों को आशंका है कि स्टाफ की कमी के चलते उनकी डिस्पेंसरी भी बंद हो सकती है।
गौरतलब है कि पहले इस डिस्पेंसरी में पीरन पंचायत के अलावा सतलाई, बलोग तथा सिरमौर जिले की सीमा से सटी कोटला बांगी पंचायत के लोग भी उपचार के लिए आते थे। डिस्पेंसरी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमल वर्मा ने बताया कि यहां हर माह औसतन करीब 250 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं।
पीरन पंचायत के पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा, दौलत राम मेहता, पूर्व प्रधान कमलेश ठाकुर, प्रीतम सिंह ठाकुर, प्रेमदास शर्मा और रामगोपाल मेहता सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार से डिस्पेंसरी में चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्टाफ के अभाव में डिस्पेंसरी को बंद किया गया तो पंचायत के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उधर, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अश्वीन शर्मा ने बताया कि चिकित्सक का पद भरने का मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही रिक्त पदों को भरने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
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