सिरमौर के आदर्श बाल निकेतन का त्रैमासिक निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिला स्तरीय निरीक्षण समिति, जिला सिरमौर ने गुरुवार को तहसील पच्छाद के गांव नाल स्थित आदर्श बाल निकेतन (बाल गृह) सिरमौर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण समिति की अध्यक्ष एवं अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर एकता काप्टा की अध्यक्षता में किए गए इस निरीक्षण के दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत निर्धारित मानकों के आधार पर बाल गृह में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया।
यंगवार्ता न्यूज - नाहन 30 जुलाई, 2026 :
जिला स्तरीय निरीक्षण समिति, जिला सिरमौर ने गुरुवार को तहसील पच्छाद के गांव नाल स्थित आदर्श बाल निकेतन (बाल गृह) सिरमौर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण समिति की अध्यक्ष एवं अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर एकता काप्टा की अध्यक्षता में किए गए इस निरीक्षण के दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत निर्धारित मानकों के आधार पर बाल गृह में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया।
समिति ने निरीक्षण के दौरान रसोईघर, शयनकक्ष, बच्चों के बिस्तर, शौचालय, दैनिक भोजन व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। वहीं, नैना टिक्कर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण ने बाल गृह के रोगी कक्ष में उपलब्ध दवाइयों की जांच की तथा उपस्थित सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी।
निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें उनके अधिकारों और उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूक किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग पवन गर्ग ने बच्चों को पढ़ाई और खेलकूद के साथ-साथ अपने भविष्य के प्रति भी सजग रहने की प्रेरणा दी।
संरक्षण अधिकारी सोहन पुंडीर ने बच्चों को बताया कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े तो वे तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाल गृह में स्थापित शिकायत एवं सुझाव पेटी का उपयोग कर बच्चे अपनी शिकायतें और सुझाव भी दे सकते हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एकता काप्टा ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा राजनिशा चौहान ने भी बच्चों से बातचीत कर संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यूनिवर्सल डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमन एंड ऑल रिसोर्सेज चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक निदेशक आर.के. शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रमा रेटका तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी पच्छाद दीपक चौहान भी उपस्थित रहे।
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