हरनेड के किसान ललित कालिया ने प्रस्तुत की मिश्रित खेती की मिसाल
कृषि में नवाचार एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में हरनेड गांव के प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने मिश्रित खेती (मिक्स क्रॉपिंग) का उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने खेत में मक्की, तिल, कोगनी, सोयाबीन, रामदाना, सयुल तथा बथुआ जैसी विभिन्न फसलों की एक साथ खेती कर कृषि विविधीकरण को बढ़ावा दिया है।
विशेष बात यह है कि ललित कालिया ने फसली खेती के साथ अमरूद एवं आम जैसे फलदार पौधों का भी सफल समावेश किया है। कृषि एवं बागवानी के इस समन्वित मॉडल से भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है तथा किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
मिश्रित खेती प्रणाली न केवल मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक है, बल्कि कीट एवं रोगों के प्रबंधन तथा बदलती जलवायु परिस्थितियों से होने वाले जोखिमों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की खेती छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए लाभकारी एवं टिकाऊ विकल्प है।
स्थानीय स्तर पर ललित कालिया के इस प्रयास की सराहना की जा रही है। उनका यह प्रयोग क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है तथा प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे नवाचारी प्रयास आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
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