मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पर 11 भाजपा पार्षदों पर एफआईआर, धरने में शामिल 20 लोगों को भी बुलाया थाने
नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण से पहले भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुक्खू व एक अधिकारी का पुतला फूंकने के मामले में पहले आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अब पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है।
यंगवार्ता न्यूज धर्मशाला 20 जून, 2026 :
नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण से पहले भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सुक्खू व एक अधिकारी का पुतला फूंकने के मामले में पहले आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद अब पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में नवनिर्वाचित सभी 11 पार्षद जो धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे थे उनके सहित 15 से 20 लोगों को आरोपी बनाया जा सकता है। पूछताछ के लिए नवनिर्वाचित पार्षदों सहित अन्य भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी बुलाया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को भी एक दर्जन के करीब पार्षदों व पदाधिकारियों को पुलिस थाना धर्मशाला में बुलाया गया था। पुलिस थाना धर्मशाला में एमसी धर्मशाला के कार्यालय परिसर में आग लगाने व गैर कानूनी सभा करने के संबंध में बीएनएस की धरा 287 व 189(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
गत गुरुवार को नगर निगम कार्यालय परिसर स्थित स्मृद्धि भवन के बाहर भाजपा समर्थित पार्षदों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण में हो रही देरी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री व एमसी कमिश्नर का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ समय तक पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुतले में आग लगने के बाद पुलिस कर्मियों ने जलते हुए पुतले को मौके से हटाया। घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि नगर निगम धर्मशाला कार्यालय के मामले में नवनिर्वाचित पार्षदों सहित 15 से 20 लोगों केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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