हिमाचल प्रदेश में आर्थिक तंगहाली के हालात,अधर में लटकी कई योजनाएं
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान बजट की कई घोषणाओं पर जहां काम शुरू नहीं हुआ है, वहीं कई योजनाएं अधर में लटकी हैं। उद्घाटन के बाद भी कई योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो सका है। हेलीपोर्ट, डे-बोर्डिंग स्कूल और खेलों से जुड़ी कई योजनाएं
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 18-03-2026
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान बजट की कई घोषणाओं पर जहां काम शुरू नहीं हुआ है, वहीं कई योजनाएं अधर में लटकी हैं। उद्घाटन के बाद भी कई योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो सका है। हेलीपोर्ट, डे-बोर्डिंग स्कूल और खेलों से जुड़ी कई योजनाएं दो से तीन वर्षों से लटकी हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि केंद्र की बंदिशों के बावजूद बजट की घोषणाओं पर काम किया जा रहा है।
वित्तीय दबाव, भूमि और वन स्वीकृतियों में देरी और योजनाओं की बड़ी संख्या के कारण प्रदेश में पहले बजट घोषणाओं का पूरा क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। हर साल नई योजनाएं घोषित तो होती गईं, लेकिन पिछली योजनाओं का काम पूरा नहीं हो सका।
वर्ष 2023 से 2025 तक की बजट घोषणाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, खेल और बुनियादी ढांचे से जुड़ीं कई योजनाएं घोषित हुईं, लेकिन बड़ी संख्या में ये अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। प्रदेश में पर्यटन और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा हुई, लेकिन अधिकांश जगह इनका काम लटका है।
नाहन के धारक्यारी में हेलीपोर्ट का काम जारी है, जबकि कुल्लू-मनाली क्षेत्र में हेलीपोर्ट परियोजना वन स्वीकृति के कारण अटकी है। ऊना के जनकौर में हेलीपोर्ट का सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन प्रशासनिक मंजूरी लंबित है। बिलासपुर और हमीरपुर में भी हेलीपोर्ट निर्माण अधूरा है। चंबा के सुल्तानपुर हेलीपोर्ट का करीब 40 फीसदी कार्य ही पूरा हुआ है।
रामपुर के दत्तनगर में खेल छात्रावास और इंडोर स्टेडियम उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सके। कालाअंब में 220 केवी सब स्टेशन की योजना वर्षों से लंबित है। नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का काम अधूरा है और वहां प्रस्तावित महिला छात्रावास भी नहीं बन पाया।
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