यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला 14-05-2026
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने धर्मशाला नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि धर्मशाला में कांग्रेस का कार्यकाल भ्रष्टाचार , अव्यवस्था, टेंडर माफिया, पानी संकट और विकास कार्यों की विफलता का प्रतीक बन चुका है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित नगर निगम में जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्षद देवेंद्र सिंह जग्गी पर नगर निगम की संपत्ति पट्टे पर देने में हुए कथित घोटाले को लेकर मामला दर्ज हुआ, जिसमें सरकारी खजाने को ₹1.4 करोड़ से अधिक नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम को मात्र ₹18.39 लाख किराया मिला, जबकि उप-किराए के माध्यम से लगभग ₹1.61 करोड़ की कमाई किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मेयर नीनू शर्मा के नेतृत्व में नगर निगम ने जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम किया। वर्ष 2025-26 के बजट में बिजली उपकर को 1 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10 पैसे प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि महंगाई से राहत देने के बजाय कांग्रेस केवल टैक्स और शुल्क बढ़ाने में लगी रही। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि धर्मशाला बस स्टैंड परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है और कांग्रेस सरकार भूमि विवाद, लंबित मंजूरियों और प्रशासनिक अक्षमता के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि बार-बार घोषणाएं और शिलान्यास हुए, लेकिन जनता को सुविधा आज तक नहीं मिली। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला में “टेंडर माफिया” सक्रिय है और केवल 5 से 7 ठेकेदारों के माध्यम से लगभग 80 प्रतिशत कार्य नियंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन आधारित टेंडर आवंटन और सार्वजनिक कार्यों में भारी अनियमितताएं कांग्रेस प्रशासन की पहचान बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि मेयर कार्यकाल के दौरान आयुक्त आवास के नवीनीकरण में नगर निगम निधियों के दुरुपयोग के आरोप लगे, जबकि कई वार्ड अब भी मूलभूत सुविधाओं और नागरिक ढांचे की कमी से जूझ रहे हैं। इसके अतिरिक्त कचरा संग्रहण वाहन निविदा प्रक्रिया में भी पक्षपात और पारदर्शिता की कमी के आरोप सामने आए हैं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में पेयजल संकट कांग्रेस सरकार की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। जुलाई 2025 में गज खड्ड जल आपूर्ति योजना की मुख्य पाइपलाइन भूस्खलन में क्षतिग्रस्त होने के बाद शहर महीनों तक पानी संकट से जूझता रहा। पर्यटन सीजन के दौरान भी सरकार सुचारु जल आपूर्ति बहाल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि 2025 के मानसून में धर्मशाला के खनियारा, इंद्रुनाग, हीरू, स्लेट गोदाम और अन्य क्षेत्रों में भूस्खलन, टूटी सड़कें और उखड़ी पाइपलाइन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बस सेवाएं प्रभावित हुईं, घर जलमग्न हुए और जल शक्ति विभाग व सार्वजनिक परिवहन विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन सरकार ने कोई प्रभावी पूर्व तैयारी नहीं की।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला-मैक्लोडगंज सड़क की बदहाल स्थिति कांग्रेस सरकार की नाकामी का प्रतीक बन चुकी है। 25 से अधिक सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों की पहचान के बावजूद सरकार ने कोई दीर्घकालिक समाधान लागू नहीं किया, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला नगर निगम में लोकतांत्रिक व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है क्योंकि पिछले लगभग दो वर्षों से नगर निगम सदन की बैठकें तक नहीं हुईं। इससे विकास कार्य, नागरिक मुद्दे और जनता की शिकायतें लंबित पड़ी हैं।बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नियंत्रित नगर निगम द्वारा स्थानीय लोगों से बिना परामर्श लिए ऐतिहासिक धूमू शाह मेले का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के बाद भारी असंतोष फैल गया। उन्होंने कहा कि मेले से प्राप्त करोड़ों की राशि का स्थानीय विकास में उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मैक्लोडगंज में दलाई लामा मठ के पास विकसित किए गए वाणिज्यिक परिसर की दुकानों की कीमतें इतनी अधिक रखी गईं कि स्थानीय व्यापारी उससे बाहर हो गए।
साथ ही वार्ड नंबर 10 में पार्किंग स्थलों पर कब्जे के आरोपों से यातायात व्यवस्था और खराब हुई। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस शासन में धर्मशाला की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अनियमित कचरा संग्रहण, सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति और खराब अपशिष्ट प्रबंधन के कारण जनता भारी परेशानियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की जनता अब कांग्रेस के भ्रष्टाचार और कुशासन का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और नगर निगम चुनावों में भाजपा को भारी समर्थन मिलेगा।