हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से विकसित हो रहा ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर : मुख्यमंत्री

प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस दिशा में अब तक राज्य में छः ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जा चुके हैं ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा राज्य सरकार ने 402 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। चयनित स्थानों में मुख्य रूप से सरकारी परिसरों जैसे लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, परिधि गृह, उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के कार्यालय परिसर आदि शामिल हैं

Apr 9, 2025 - 19:42
Apr 9, 2025 - 20:09
 0  42
हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से विकसित हो रहा ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर : मुख्यमंत्री
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media


यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   09-04-2025


प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस दिशा में अब तक राज्य में छः ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जा चुके हैं ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा राज्य सरकार ने 402 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। चयनित स्थानों में मुख्य रूप से सरकारी परिसरों जैसे लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, परिधि गृह, उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के कार्यालय परिसर आदि शामिल हैं। इनमें से लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों में 252, जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों में 19, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड निगम के परिसरों में 18, वन विभाग के परिसरों में 100, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसरों में 12 तथा बीबीएनडीए कार्यालय में एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल का उद्देश्य राज्य में एक मजबूत और प्रभावी ईवी चार्जिंग नेटवर्क विकसित करना है। इससे सरकारी विभागों को इलेक्ट्रिक वाहनों अपनाने में सुविधा मिलने के साथ-साथ हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार ने सभी विभागों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में अब तक 4997 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। ई-टैक्सी योजना के तहत 500 इलेक्ट्रिक टैक्सियों को विभिन्न सरकारी विभागों में शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य राज्यों से आने वाली ई-बसें और टैक्सियां भी प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं। 
इसके दृष्टिगत प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशनों की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। राज्य सरकार ने देशभर में हरित परिवहन की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रदेश के छह राजमार्गों को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में अधिसूचित किया है। इसके साथ ही प्रदेश के पैट्रोल पंपों, सरकारी परिसरों, पर्यटन विकास निगम के होटलों और निजी अस्पतालों सहित मुख्य स्थानों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में विभिन्न पैट्रोल पंपों पर 23 चार्जिंग स्टेशनों का संचालन किया जा रहा है और इस वर्ष 90 पैट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, चार्जिंग स्टेशनों सहित सड़क किनारे विभिन्न सुविधाएं विकसित करने के लिए 46 सरकारी स्थान चिन्हित किए गए हैं। 
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से अपने 65 होटलों में ईवी चार्जिंग स्टेशन्स स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है और प्रथम चरण में 11 होटलों को चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए चिन्हित किया जा चुका है। निजी होटलों में 44 ईवी चार्जिंग स्टेशन्स स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े स्तर पर परिवहन क्षेत्र में अपनाने से हिमाचल प्रदेश में सतत् पर्यावरणीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक परिवहन के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को अग्रणी केन्द्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow