बिना समय सीमा आबंटित विद्युत परियोजनाओं को वापस लेने के लिए कानूनी राय लेगी सरकार : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां अन्तरराष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि नदियों के जल के पर्याप्त दोहन से जल विद्युत उत्पादन की अपार क्षमताओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पूरे विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा दोहन का एक केन्द्र बिन्दु बनता जा रहा है। यह सम्मेलन 22 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास पानी ही एक मुख्य संसाधन है जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जाने चाहिए थे
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 20-03-2025
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां अन्तरराष्ट्रीय बांध सुरक्षा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि नदियों के जल के पर्याप्त दोहन से जल विद्युत उत्पादन की अपार क्षमताओं को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पूरे विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा दोहन का एक केन्द्र बिन्दु बनता जा रहा है। यह सम्मेलन 22 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास पानी ही एक मुख्य संसाधन है जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जाने चाहिए थे, लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं हमारे साथ न्याय नहीं हुआ और हम पीछे रह गए। उन्होंने कहा कि विश्व में जल संसाधनों के दोहन का लाइसेंस सामान्यतः 35 से 40 वर्ष तक की अवधि के लिए दिया जाता है, लेकिन शुरू-शुरू में हमारे जल संसाधनों को जल विद्युत परियोजनाएं लगाने के लिए हमेशा के लिए बिना समय सीमा दे दिया गया। ऐसी बहुत सारी परियोजनाएं हैं जिन्हें हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपने की कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी परियोजनाओं को हिमाचल को वापिस दिलाने के लिए कानूनी राय ली जा रही है।
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