सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संकल्प : उपायुक्त

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत जिला सड़क सुरक्षा समिति, जिला शिमला की ओर से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने आज रिज मैदान पर एक दिवसीय रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर का आयोजन

Jan 31, 2026 - 16:00
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सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संकल्प : उपायुक्त

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत रिज पर लगाया रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    31-01-2026

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत जिला सड़क सुरक्षा समिति, जिला शिमला की ओर से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने आज रिज मैदान पर एक दिवसीय रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। 

शिविर में 54 लोगों ने रक्तदान किया और 119 लोगों की आँखों की जांच की गई।  उपायुक्त ने कहा कि "सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संकल्प है।" उन्होंने कहा कि "ARRIVE ALIVE " को साकार करें। 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक शिमला जिला में सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया है। 

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिला शिमला में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला द्वारा व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हेलमेट एवं सीट-बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा के पालन तथा सही लेन अनुशासन जैसे विषयों पर आमजन को जागरूक किया गया। 

स्कूलों, महाविद्यालयों, परिवहन चालकों तथा नागरिकों की सहभागिता से कार्यशालाएं, निरीक्षण अभियान, रोड़ यूजर के लिए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर तथा गुड समैरिटन प्रोत्साहन गतिविधियां आयोजित कर जनसहभागिता को सुदृढ़ किया गया। उपायुक्त ने रक्तदान करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। 

क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने कहा कि जिला में वर्ष 2025 के सड़क दुर्घटना के आंकड़े क्षेत्र में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को स्पष्ट दर्शाते हैं। जिला शिमला में इस अवधि के दौरान 268 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गई, जिनमें 102 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 436 लोग घायल हुए। सड़क दुर्घटना के आंकड़ों के मुताबिक इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में व्यावहारिक और मानवीय चूक शामिल है। 

इसमें तेज गति, गलत ओवरटेकिंग, नशे की अवस्था में वाहन संचालन, वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल तथा लेन अनुशासन का उल्लंघन शामिल रहा, जो यह दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ नागरिक अनुशासन पर भी निर्भर करती है। इस मौके पर एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ यशवंत रांटा सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
 

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