यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 07-01-2026
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को अस्पतालों में होने वाली परेशानियों से बचने के लिए 1000 रोगी मित्र नियुक्त किए जाएंगे। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जो डीएम और एमसीएच सुपर स्पेशलिस्ट फील्ड में हैं उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च तकनीक युक्त स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त किये जाएंगे, जिसमें से 500 चिकित्सा महाविद्यालयों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किए जाएंगे। इसके लिए प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट हमीरपुर जिला से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोगी मित्र की कार्यप्रणाली के लिए विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में रोगी मित्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चमियाणा अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा व आईजीएमसी शिमला में भी पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की मदद के लिए रोगी मित्र तैनात किए जाएंगे।
इन संस्थानों में रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किये जाएंगे। बुजुर्ग मरीजों का खास ख्याल रखते हुए मुख्यमंत्री ने चमियाणा अस्पताल, टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला में पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की सहायता के लिए रोगी मित्र तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रमुख संस्थानों में विशेष रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
अस्पतालों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के लिए मेडिकल कॉलेजों की विभिन्न ओपीडी में डाटा एंट्री ऑपरेटर भी तैनात किए जाएंगे, जो मरीजों से संबंधित डाटा दर्ज करेंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त करने के लिए नवोन्मेषी उपायों और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।