तीन दिवसीय किन्नौर बर्ड फेस्टिवल का कल्पा कंडे के गोलि में शुभारंभ

जिला किन्नौर की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘किन्नौर बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ आज कल्पा कंडे के गोलि नामक स्थान पर हुआ। फेस्टिवल का आयोजन 08 से 10 मई तक हिमाचल पर्यटन विभाग, ओम किन्नौर स्थानीय शाखा, वन विभाग तथा जिला प्रशासन किन्नौर के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।

May 8, 2026 - 18:45
 0  2
तीन दिवसीय किन्नौर बर्ड फेस्टिवल का कल्पा कंडे के गोलि में शुभारंभ
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
रिकांग पिओ, 08 मई : 
 जिला किन्नौर की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘किन्नौर बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ आज कल्पा कंडे के गोलि नामक स्थान पर हुआ। फेस्टिवल का आयोजन 08 से 10 मई तक हिमाचल पर्यटन विभाग, ओम किन्नौर स्थानीय शाखा, वन विभाग तथा जिला प्रशासन किन्नौर के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गोलि क्षेत्र में आयोजित इस फेस्टिवल में स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों, पक्षी विशेषज्ञों, फोटोग्राफरों, कलाकारों तथा पर्यटकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य किन्नौर क्षेत्र में पाई जाने वाली पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों, जैव विविधता तथा प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
फेस्टिवल के प्रथम दिन विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत प्रस्तुतियां, पर्यावरण एवं पक्षी संरक्षण विषयक कार्यशालाएं, कविता पाठ, फोटो प्रदर्शनी, , स्मृति चिन्ह स्टॉल, फन गेम, फूड स्टॉल तथा स्थानीय व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहेगी। स्थानीय व्यंजनों एवं पारंपरिक उत्पादों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिससे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिला।
इस तीन दिवसीय किन्नौर बर्ड फेस्टिवल के अंतर्गत 30 युवा विद्यार्थियों को फन बेस्ड लर्निंग गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति जगत के प्रति जिज्ञासा एवं जागरूकता विकसित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति, पक्षियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक एवं रचनात्मक तरीके से जोड़ना है।
फेस्टिवल में डीएवी पब्लिक स्कूल, लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ के पांच-पांच विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रकृति अवलोकन, पक्षी पहचान, संवादात्मक गतिविधियां एवं रचनात्मक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उनमें पर्यारण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके।
इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने फेस्टिवल में भाग लेकर विभिन्न प्रदर्शनियों एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किन्नौर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, दुर्लभ वन्यजीवों तथा पक्षी विविधता के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रकृति एवं पक्षियों के संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है तथा युवाओं को ऐसे आयोजनों से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किन्नौर बर्ड फेस्टिवल जिले की पारंपरिक संस्कृति, प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
फेस्टिवल के दौरान आगामी दो दिनों में पक्षी अवलोकन गतिविधियां, प्रकृति भ्रमण, विशेषज्ञ संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन स्थल पर पर्यटकों एवं प्रतिभागियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
फेस्टिवल में स्थानीय कलाकारों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रकृति प्रेमियों एवं विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सतत पर्यटन तथा स्थानीय संस्कृति के संवर्धन का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नागरिक कल्पा अमित कल्थाइक , उपायुक्त की धर्म पत्नी शिवानी, ब्लॉक ऑफिसर वन संतोष ठाकुर, महेश रोनसेरू ,भी उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow