शिमला, 08 - 05 - 2026 :
मां और बच्चे के अटूट रिश्ते को समर्पित मदर्स डे के अवसर पर शेमरॉक रोजेज प्ले स्कूल कच्चीघाटी द्वारा हिप हिप हुरले कुफरी में भव्य सेलिब्रेशन आयोजित किया गया। इस खास मौके पर बच्चों और उनकी माताओं ने मिलकर खुशी, प्यार और अपनत्व से भरे कई यादगार पल साझा किए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी माताओं को गिफ्ट्स देकर उन्हें स्पेशल महसूस करवाया और पूरे वातावरण में भावनाओं व उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीति चुट्टानी ने कहा कि दुनिया में सबसे अनमोल रिश्ता मां और बच्चे का होता है। मां का प्यार निस्वार्थ, त्याग और समर्पण से भरा होता है। वह अपने बच्चों की खुशी और बेहतर भविष्य के लिए हर कठिनाई का सामना करती है। उन्होंने कहा कि मां के लिए हर दिन खास होता है, लेकिन मदर्स डे बच्चों को अपनी माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर देता है।
उन्होंने बताया कि हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। इस दिन बच्चे अपनी माताओं को उपहार देकर उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और उनके प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और माताओं के चेहरों पर दिख रही मुस्कान ने माहौल को भावुक और आनंदमयी बना दिया।
प्रधानाचार्य प्रीति चुट्टानी ने मदर्स डे के इतिहास की जानकारी देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत प्राचीन यूनान और रोम की सभ्यताओं से मानी जाती है, जहां मातृ देवियों रिया और साइबेले के सम्मान में उत्सव आयोजित किए जाते थे। बाद में इसे मदरिंग संडे के रूप में भी जाना गया, जो यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के कुछ हिस्सों में ईस्टर के बाद चौथे रविवार को मनाया जाता था।
उन्होंने कहा कि आधुनिक मदर्स डे की शुरुआत 1900 के दशक में अन्ना जार्विस के प्रयासों से हुई। अपनी मां की स्मृति में उन्होंने 1908 में वेस्ट वर्जीनिया के ग्राफ्टन स्थित मेथोडिस्ट चर्च में पहला आधिकारिक मदर्स डे समारोह आयोजित किया। इसके बाद यह परंपरा अमेरिका सहित कई देशों में फैल गई और 1914 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया।
हिप हिप हुरले कुफरी में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों और माताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए रिश्तों की मिठास और मां के महत्व को खूबसूरती से उजागर किया।