सन्नी वर्मा - हरिद्वार 17-04-2026
वन विभाग के कर्मचारी द्वारा सूचना दी कि राजाजी नेशनल पार्क में एक शव पड़ा हुआ है जिस सूचना पर चौकी प्रभारी खड़खड़ी मैं चेतक 3 कर्मचारियों के मौके पर गए तो पाया कि एक साधु बाबा का शव पड़ा है तथा इसके शरीर पर छोटे लगी हुई है चौकी प्रभारी खड़खड़ी द्वारा उक्त सूचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार को अवगत कराया गया। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार मय पुलिस टीम के घटनास्थल पर पहुंचे तो मौके पर देखा कि एक व्यक्ति जिसकी उम्र - 45 वर्ष लगभग प्रतीत हो रही थी। लहूलुहान अवस्था मे पड़ा हुआ था जिसको प्राथमिक उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया जहाँ चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया। इस सूचना से उच्चाधिकारियों को प्रभारी निरीक्षक द्वारा अवगत कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा मृतक की शिनाख्त एवं अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी तथा मृतक की शिनाख्त न होने का कारण पुलिस को स्वयं वादी बनकर अभियोग पंजीकृत कराने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस द्वारा स्वयं वादी बनकर मु0अ0सं0-179/2026 धारा-103(1) BNS पंजीकृत कराया गया। तब पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार द्वारा घटना का अनावरण करने के लिए टीमें गठित की गईं। साक्ष्य एकत्रित करने के लिए मोके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया जिनके द्वारा साक्ष्य संकलित किये गए व अन्य गठित टीमों द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया तथा आसपास गंगाघाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व पार्किंग में चेकिंग करवाई गई तो घटना में सीसीटीवी में दिखाई देने वाले संधिग्ध व्यकितयों के कपड़ों का हुलिया सीसीटीवी में दिखाई दिया। सीसीटीवी के आधार पर प्रकाश में आये हुलिया व लड़कों के पास किसी प्रकार का कोई मोबाइल न होना व नशे में प्रतीत होने के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश मैनुअल रूप से और तेज की गई तो 17/ 4/ 2026 को जब पुलिस टीम हिल बाईपास पर गस्त कर रही थी तो हिल बाईपास पर सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर पर पहुंचे तो सड़क के बैंड के किनारे बने पैराफिट पर 02 व्यक्ति बैठे दिखाई दिये जिनमें से एक व्यक्ति ने जींस की पेंट लाल-सफेद चैकदार कमीज पहनी हैं।
दूसरे में सफेद बैंगनी रंग की गोल धारीदार टीशर्ट, काली पेंट पहनी हैं । मृतक अज्ञात बाबा के साथ घटना से पहले सीसीटीवी की फुटेज में भी जाते हुए दोनों व्यक्तियों के द्वारा भी इसी हुलिये के कपड़े पहने हुए थे जिस पर शक होने पर पुलिस टीम द्वारा आवाज देकर दोनों व्यक्तियों को रुकने को कहा तो वह दोनों व्यक्ति सकपकाकर पैराफिट से उठकर हिल बाईपास रोड की तरफ को भागने प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस टीम द्वारा एकदम से दोनों व्यक्तियों को घेर कर पकड़ लिया और नाम पता पूछते हुए जींस की पेंट लाल-सफेद चैकदार कमीज पहने हुए व्यक्ति की जामा तलाशी ली गयी तो उसने अपना नाम मनोज कुमार उर्फ चिकना पुत्र राम गणेश निवासी ग्राम बनाम मई थाना वेदपुरा जिला इटावा (उ0प्र0) उम्र - 25 वर्ष बताया जामा तलाशी पर कोई जैर वस्तु बरामद नहीं हुई। दूसरे व्यक्ति जिसने सफेद बैंगनी रंग की गोल धारीदार टी शर्ट, काली पैंट पहनी हैं अपना नाम रोहित कुमार पुत्र अलकदेव निवासी गांव सरण थाना पड़ाक जिला पटना (बिहार) उम्र-19 वर्ष बताया जामा तलाशी पर कोई वस्तु बरामद नहीं हुई । शक्ति से पूछताछ की गयी तो दोनों ने सामूहिक रूप से बताया कि हम दोनों की कुछ महिनें पहले हरिद्वार में ही जानपहचान हुई है और हम दोनों गांजा शराब साथ ही पीते हैं जिस कारण हमारी आपस में अच्छी दोस्ती हैं और दिनांक 13 अप्रैल की रात को हम दोनों हरकी पैड़ी के सामने वाले घाट पर ही सोये थे, हम दोनों ने काफी शराब पी थी जिस कारण हमें काफी उल्टी हुई और हमने उस रात खाना नहीं खाया था l अगले दिन सुबह अत्यंत भूख लगने के कारण हम दोनों की नींद सुबह करीब 5:00 बजे ही खुल गई थी l खाना खाने के बाद हम दोनों मोतीचूर तिराहे की तरफ काम ढूंढने गए थे l
वहां पर हम दोनों नें गांजा पिया था वहां पर तिराहे के पास ही एक बाबा खड़ा था जो बीड़ी पी रहा था, उसे बीड़ी पीते देख हमें भी तलब लगी और हम उस बाबा के पास गये और नशे की हालत मैं ही हमनें बाबा से कहा कि बाबा हमको भी एक बीड़ी पिला दो, इस पर बाबा ने अपनी जेब में हाथ डालकर एक बीड़ी का बंडल निकाला तो बीड़ी के बण्डल के साथ काफी पैसे भी बाबा के हाथ में आ गये थे जिस पर हमें पैसों का लालच आ गया था और हमने बाबा से कहा कि बाबा हमें कुछ पैसे दे दो , जिस पर बाबा ने मना कर दिया और सबके सामने ही बाबा ने हमें गाली देकर बात की तथा फिर वह वहाँ से मोतीचूर स्टेशन की ओर जाने लगा बाबा के दारा दी गयी गाली के कारण हमें गुस्सा आ गया आ गया था जिस पर हम दोनों ने बाबा को सबक सिखाने व बाबा के पैसे लेने की ठान ली l
वह बाबा मोतीचूर रेलवे स्टेशन से होता हुआ सूखी नदी के तरफ रेलवे पटरी पटरी चलता हुआ सूखी नदी के अन्दर से एक सुनसान जंगल के रोखड़ की तरफ को चला जिस पर हमने भी उसका पीछा किया , जैसे ही बाबा अन्दर जंगल में जाकर रोखड़ में शौच के लिए बैठा, तो हम दोनों ने मौका देखकर उसे ज़ोर से धक्का मारा और धक्का लगने के बाद गोल-गोल पत्थर पर गिर गया था और संभल नहीं पाया था l इसी बीच हम दोनों नें एक-एक पत्थर उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया जिससे बाबा चीखने लगा, हम डर गए इसलिए हमने उसे पत्थर से और अधिक चोट मारी, जिस पर वह कुछ देर बाद हिलना डुलना बंद हो गया था, हमने बाबा की जेब से पैसे निकाले और सूखी नदी के रास्ते से मौके से भाग गये l