आरएलए बिलासपुर के वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में दिल्ली क्राइम ब्रांच की चार्जशीट ने पूरे घोटाले की खोली परतें
आरएलए बिलासपुर के वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में क्राइम ब्रांच ने जेल में बंद सुभाष के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की चार्जशीट ने पूरे घोटाले की परतें खोल दी
यंगवार्ता न्यूज़ - बिलासपुर 21-04-2026
आरएलए बिलासपुर के वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में क्राइम ब्रांच ने जेल में बंद सुभाष के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की चार्जशीट ने पूरे घोटाले की परतें खोल दी हैं। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई छोटा घोटाला नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया बड़ा नेटवर्क था, जिसमें अंदरूनी सिस्टम और बाहरी दलालों की मिलीभगत शामिल थी।
चार्जशीट के मुताबिक, फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े आईपी एड्रेस को ट्रैक कर सीधे गौरव, सुभाष और उसके नेटवर्क से जोड़ा गया था। जिन कंप्यूटरों से गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन की गई, उनकी डिजिटल लोकेशन और लॉग्स के जरिये यह साबित हुआ कि यह काम सिस्टम के भीतर बैठकर ही किया जा रहा था। जांच में 44 गाड़ियों का फर्जी रजिस्ट्रेशन सीधे सुभाष से जुड़ा पाया है।
दूसरे आरोपी, गौरव के नाम पर 45 गाड़ियों का रिकॉर्ड सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों का आंकड़ा 1,000 के पार है। सुभाष के कार्यकाल के दौरान किए गए 357 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की जांच की गई, जिनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। गौरव से जुड़े मामलों में फर्जीवाड़े का दायरा और भी बड़ा बताया जा रहा है।
फिलहाल इन मामलों की जांच जारी है और कई नई कड़ियां सामने आ रही हैं। फर्जी रजिस्ट्रेशन और गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के जरिये करीब 30 करोड़ रुपये के लेनदेन का अंदाजा लगाया जा रहा है। लोगों को आरएलए की असली दिखने वाली आरसी दिखाकर गाड़ियां बेची जाती थीं, लेकिन बाद में वे वाहन चोरी के या फर्जी दस्तावेजों वाले निकलते थे।
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