आठ बार के विधायक कौल सिंह ठाकुर ने राजनीति से लिया संन्यास, संत रामपाल की शरण में अपनाया अध्यात्म का मार्ग

हिमाचल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर। प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता, आठ बार विधायक, पूर्व स्पीकर और चार बार मंत्री रहे कौल सिंह ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। कौल सिंह अब संत रामपाल की शरण में पहुंचकर अध्यात्म के मार्ग पर चलेंगे। आखिर क्या है इस फैसले की वजह, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।

Jul 19, 2026 - 19:39
Jul 19, 2026 - 20:04
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आठ बार के विधायक कौल सिंह ठाकुर ने राजनीति से लिया संन्यास, संत रामपाल की शरण में अपनाया अध्यात्म का मार्ग

यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन  19-07-2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेता कौल सिंह ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। मंडी जिले की द्रंग विधानसभा सीट से रिकॉर्ड आठ बार विधायक रहे कौल सिंह ठाकुर अब अध्यात्म के मार्ग पर चलेंगे। उन्होंने संत रामपाल की शरण ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन अपनाने का निर्णय लिया है। कौल सिंह ठाकुर हिमाचल की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर), चार बार कैबिनेट मंत्री और दो बार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। 
लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। बताते है कि कौल सिंह ठाकुर हरियाणा में संत रामपाल के आश्रम पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा कि वो आठ बार विधायक रहे, चार बार मंत्री रहे और दो बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, अब रिटायरमेंट ले ली है। इस पर संत रामपाल ने कहा कि अब भक्ति कर लो। रामपाल के ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट पर कौल सिंह ठाकुर के उनसे मिलने और वार्तालाप का पूरा वीडियो शेयर किया गया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा थी कि वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में अपनी वरिष्ठता के अनुरूप कोई बड़ा दायित्व या सम्मान नहीं मिलने से कौल सिंह ठाकुर अंदरखाने नाराज चल रहे थे। 
 
 
 
 
हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की, लेकिन अब उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को इसी नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में कौल सिंह ठाकुर संत रामपाल की शरण में पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब वे अपना शेष जीवन समाज सेवा, मानव कल्याण और अध्यात्म के मार्ग पर समर्पित करना चाहते हैं। कौल सिंह ठाकुर का राजनीति से संन्यास हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उनके इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
 

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