NDA की परीक्षा पास करने के बाद अपने स्कूल पहुंचे अनुराग ठाकुर, स्कूल प्रबंधन ने इस उपलब्धि के लिए दी शुभकामनाएं

नाहन  के एक होनहार छात्र ने अपने सपनों को हकीकत में बदलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। NDA की परीक्षा पास करने के बाद जब अनुराग ठाकुर अपने स्कूल पहुंचे, तो वहां का माहौल खुशी और गर्व से भर गया। ग्रामीण परिवेश से आने वाले अनुराग ने 5वें प्रयास में ऑल इंडिया 417वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर मुकाम पाया जा सकता है।

May 8, 2026 - 17:30
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NDA की परीक्षा पास करने के बाद अपने स्कूल पहुंचे अनुराग ठाकुर, स्कूल प्रबंधन ने इस उपलब्धि के लिए दी शुभकामनाएं
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
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नाहन 08 मई 2026 : 

नाहन  के एक होनहार छात्र ने अपने सपनों को हकीकत में बदलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। NDA की परीक्षा पास करने के बाद जब अनुराग ठाकुर अपने स्कूल पहुंचे, तो वहां का माहौल खुशी और गर्व से भर गया। ग्रामीण परिवेश से आने वाले अनुराग ने 5वें प्रयास में ऑल इंडिया 417वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर मुकाम पाया जा सकता है।

मीडिया से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा SVN स्कूल नाहन से पास की थी और स्कूल टाइम से ही उन्होंने सेना में जाने का निर्णय कर लिया था और उसके लिए वह लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें असफलता भी हासिल लगी मगर अंत में पांचवें प्रयास में 417वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर उन्होंने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें हमेशा सहयोग मिला है जिसकी वजह से वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। अपनी इस उपलब्धि के बाद जब अनुराग अपने स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन और छात्रों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

 स्कूल प्रबंधन ने अनुराग की इस सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं दीं और अन्य छात्र-छात्राओं को भी उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। स्कूल के प्रधानाचार्य कुंदन ठाकुर ने बताया कि अनुराग ग्रामीण परिवेश से संबंध रखता है और उनकी मेहनत और लगन की बदौलत यह आज उन्होंने सफलता हासिल की है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनुराग की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अनुराग ठाकुर की यह सफलता न केवल उनके स्कूल बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प से कैसे सपनों को साकार किया जा सकता है, यह अनुराग ने कर दिखाया है।

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