100 से कम सेब की बोरियां बेचने पर नहीं देने होंगे राजस्व दस्तावेज , केवल फ्रूट रिसीप्ट के आधार पर किया जाएगा भुगतान
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े किसान-बागवान संगठन संयुक्त किसान मंच की मांग पर प्रदेश सरकार ने छोटे बागवानों को बड़ी राहत दी है। मार्केट इंटरवेंशन स्कीम ( एमआईएस ) के तहत सेब बेचने वाले ऐसे बागवान, जिन्होंने सौ बोरी से कम सेब बेचा था, उनसे अब राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी, जमाबंदी या अन्य भूमि दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। सरकार के निर्देशों के बाद हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 07-01-2026
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े किसान-बागवान संगठन संयुक्त किसान मंच की मांग पर प्रदेश सरकार ने छोटे बागवानों को बड़ी राहत दी है। मार्केट इंटरवेंशन स्कीम ( एमआईएस ) के तहत सेब बेचने वाले ऐसे बागवान, जिन्होंने सौ बोरी से कम सेब बेचा था, उनसे अब राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी, जमाबंदी या अन्य भूमि दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। सरकार के निर्देशों के बाद हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है।
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