एआई समिट किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सामर्थ्य और भविष्य का प्रदर्शन : विपिन परमार 

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि “राष्ट्र की प्रतिष्ठा पर सुनियोजित हमला” करार दिया

Feb 23, 2026 - 15:41
Feb 23, 2026 - 15:42
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एआई समिट किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सामर्थ्य और भविष्य का प्रदर्शन : विपिन परमार 
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यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला   23-02-2026

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि “राष्ट्र की प्रतिष्ठा पर सुनियोजित हमला” करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस मंच से भारत विश्व को अपनी तकनीकी शक्ति, डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रहा था, उसे कांग्रेस ने अपनी हताश और विफल राजनीति का अखाड़ा बना दिया।

परमार ने तीखे शब्दों में कहा कि एआई समिट किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत की सामर्थ्य और भविष्य का प्रदर्शन था। यह आयोजन उस समय हुआ जब विश्व भारत की ओर आशा और विश्वास से देख रहा है। ऐसे अवसर पर कांग्रेस का अमर्यादित और अराजक आचरण यह साबित करता है कि वह सत्ता से बाहर होकर बौखला चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व मंच पर एक निर्णायक और प्रभावशाली ग्लोबल लीडर के रूप में स्वीकार किया जा चुका है। जी-20 से लेकर वैश्विक आर्थिक और तकनीकी मंचों तक भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री के नेतृत्व की देन है। ऐसे में एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजन पर हंगामा करना केवल एक कार्यक्रम का विरोध नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक छवि और भारत की अंतरराष्ट्रीय साख पर सीधा वार है।

परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति सदैव राष्ट्रहित के विरुद्ध रही है। जब-जब भारत ने विश्व में अपनी ताकत दिखाई, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपलब्धियों को कमतर आंकना, देश की छवि को धूमिल करना और प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाना  यही कांग्रेस की पुरानी प्रवृत्ति रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, परंतु राष्ट्र की गरिमा को ठेस पहुंचाना देशद्रोही मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस यह समझ ले कि भारत अब 70 के दशक का भारत नहीं है। यह आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर नया भारत है, जो अपनी प्रतिष्ठा पर आंच बर्दाश्त नहीं करेगा।

परमार ने कहा कि यही विघटनकारी मानसिकता हिमाचल प्रदेश में भी दिखाई दे रही है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार सवा तीन वर्षों से सत्ता में है, लेकिन उपलब्धियों के नाम पर केवल शून्य है। विकास कार्य ठप हैं, आर्थिक स्थिति चरमराई हुई है, योजनाएं कागजों में दबी पड़ी हैं और जनता निराशा के दौर से गुजर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार झूठे वादों और खोखले भाषणों के सहारे जनता को भ्रमित कर रही है। महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों — हर वर्ग से बड़े-बड़े वादे किए गए, परंतु धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। बेरोजगार युवा भर्ती प्रक्रियाओं की प्रतीक्षा में भटक रहे हैं, जबकि सरकार केवल मंचों से बयानबाजी में व्यस्त है।

विपिन सिंह परमार ने दो टूक कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब अवसरवाद और अराजकता का पर्याय बन चुकी है। एआई समिट में किया गया कृत्य इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस को राष्ट्र की प्रतिष्ठा से कोई सरोकार नहीं है; उसे केवल अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए शोर मचाना आता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र की अस्मिता, प्रधानमंत्री की वैश्विक प्रतिष्ठा और हिमाचल के विकास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी। कांग्रेस यदि अपनी राजनीति को मर्यादित नहीं रखेगी तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से उसे ऐसा सबक सिखाएगी, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेगी।

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