स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत जोगिंदर नगर में 114 पात्र गरीब परिवारों को मिला अपना घर

अपना घर हर व्यक्ति का सपना होता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इस सपने को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना ऐसे परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई है जिसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है

Aug 8, 2026 - 12:52
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स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत जोगिंदर नगर में 114 पात्र गरीब परिवारों को मिला अपना घर

यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  08-08-2026
अपना घर हर व्यक्ति का सपना होता है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के इस सपने को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना ऐसे परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई है जिसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जोगिंदर नगर क्षेत्र में वर्ष 2023 से 2026 के दौरान इस योजना के अंतर्गत 114 पात्र परिवारों को प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। 
इस सहायता से अनेक परिवार कच्चे मकानों से निकल कर सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से पक्के घरों में रहने लगे हैं। यह योजना प्रदेश सरकार की गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशील सोच और जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हारगुनैन गांव के लाभार्थी रण सिंह बताते हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का घर बनाना संभव नहीं था। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत मिली डेढ़ लाख रुपये की सहायता से उनका पक्का घर बनने का सपना पूरा हुआ। इसके लिए वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के आभारी हैं। इसी योजना के एक अन्य लाभार्थी सुखदेव गांव आरठी का कहना है कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। 
सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें पक्का मकान बनाने में सक्षम बनाया। उनके अनुसार राज्य सरकार गरीब परिवारों की मूलभूत जरूरतों को समझते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का कार्य कर रही है। तहसील कल्याण अधिकारी, जोगिंदर नगर के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 के दौरान कुल 114 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है। इनमें 109 अनुसूचित जाति, 3 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 2 अनुसूचित जनजाति के परिवार शामिल हैं।
 स्वर्ण जयंती आश्रय योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की नई शुरुआत भी देती है। यह योजना इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील शासन व्यवस्था समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार अपने घर के सपने से वंचित न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।  
 

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