एफसीए मामलों के शीघ्र निपटाएं अधिकारी, अभी तक 30 प्रस्तावों को मिल चुकी है अंतिम स्वीकृति : डीसी 

वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के अंतर्गत लंबित प्रस्तावों की समीक्षा के लिए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित एफसीए मामलों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा उनके शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से बचने के लिए एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निपटारा अत्यंत आवश्यक है

Mar 17, 2026 - 19:06
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एफसीए मामलों के शीघ्र निपटाएं अधिकारी, अभी तक 30 प्रस्तावों को मिल चुकी है अंतिम स्वीकृति : डीसी 
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  17-03-2026
वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के अंतर्गत लंबित प्रस्तावों की समीक्षा के लिए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित एफसीए मामलों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा उनके शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से बचने के लिए एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निपटारा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च, 2023 से अब तक जिले के विभिन्न विभागों के कुल 30 प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। 
इनमें से एक प्रस्ताव को फरवरी माह में तथा दो प्रस्तावों को मार्च माह में स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें सलापड़-तत्तापानी सड़क, प्रस्तावित करसोग न्यायालय परिसर तथा पधर न्यायालय परिसर शामिल हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक लंबित प्रस्ताव के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए और निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी बल देते हुए कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण की जाएं। बैठक के दौरान कुल 131 एफसीए प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा की गई। इनमें न्यायपालिका से संबंधित 8 मामले, परिवेश 1.0 पोर्टल के 38 प्रस्ताव तथा परिवेश 2.0 पोर्टल के 68 प्रस्ताव शामिल हैं। 
ये सभी प्रस्ताव न्यायिक परिसरों, सड़कों, भवनों एवं जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त, 25 ऐसे प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई, जिन्हें विगत पांच से दस वर्षों के दौरान स्टेज-1 के तहत सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, किंतु वे अभी तक स्टेज-2 (अंतिम) स्वीकृति के लिए लंबित हैं। बैठक में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव विवेक कायस्थ , डीएफओ ( मुख्यालय ) बसु डोगरा , डीएफओ जोगिंद्रनगर अश्वनी कुमार सहित लोक निर्माण, जल शक्ति तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा डीएफओ सुकेत राकेश कटोच , डीएफओ करसोग केबी नेगी, डीएफओ एस.एस. कश्यप वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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