स्टार्ट-अप योजना में अधिकतम 1000 टैक्सियों को दी जाएगी 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना में डीजल और पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदलने के लिए एसओपी जारी की है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 16-01-2026
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना में डीजल और पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदलने के लिए एसओपी जारी की है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस योजना के तहत अधिकतम 1000 टैक्सियों को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी।
राज्य में हरित परिवहन को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। अधिसूचना में बताया गया है कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृत ई-टैक्सी की लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
यह सब्सिडी श्रम, रोजगार एवं विदेश नियोजन विभाग के माध्यम से प्रदान की जाएगी। एसओपी के अनुसार, केवल हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत और वाणिज्यिक रूप से संचालित डीजल, पेट्रोल टैक्सियों के मालिक ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। पांच वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
निजी उपयोग, सीएनजी या पहले से इलेक्ट्रिक वाहनों को योजना से बाहर रखा गया है। आवेदन प्रक्रिया परिवहन विभाग की ओर से जारी विज्ञापन के माध्यम से शुरू की जाएगी। आवेदकों को बोनाफाइड प्रमाण पत्र, वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र, वैध परमिट, फिटनेस और बीमा प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आवेदन की जांच, सत्यापन और प्राथमिकता सूची तैयार करेंगे, जिसे निदेशालय के माध्यम से राज्य स्तरीय सूची के रूप में आगे भेजा जाएगा। सब्सिडी स्वीकृति के बाद लाभार्थी को सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत मॉडल की नई इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदनी होगी और पुराने वाहन का विधिवत स्क्रैब कराना अनिवार्य होगा।
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