प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने लंबित पड़ी मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में किया धरना प्रदर्शन  

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगों को मनवाने के लिए आज एक दिन का जोरदार धरना प्रदर्शन सुरेश ठाकुर चेयरमैन की अगुवाई में चौड़ा मैदान शिमला में हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ किया गया

Feb 17, 2026 - 13:38
Feb 17, 2026 - 13:39
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प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने लंबित पड़ी मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में किया धरना प्रदर्शन  
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    17-02-2026

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगों को मनवाने के लिए आज एक दिन का जोरदार धरना प्रदर्शन सुरेश ठाकुर चेयरमैन की अगुवाई में चौड़ा मैदान शिमला में हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ किया गया। 

संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश की सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने के और मुख्यमंत्री के ऊपर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं और सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि 28/11/25 को प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर एक बड़ा धरना प्रदर्शन और रैली प्रदेश सरकार के खिलाफ धर्मशाला जोरावार स्टेडियम में निकाली गई थी। 

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में शिष्टमंडल को बुलाकर आश्वासन दिया गया कि वह उन्हें बातचीत के लिए विधानसभा समाप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर बुलाएंगे पर सब कुछ झूठ, मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में फर्क है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की न तो सकारात्मक सोच है और न ही सही दिशा जिसने प्रदेश को भारी वित्तीय संकट में पहुंचा दिया है। प्रदेश पर इस समय एक लाख दस हजार करोड़ से भी ज्यादा ऋण हो चुका है, जबकि केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए राजस्व अनुदान घाटा बंद कर दिया है। 

हाल ही में प्रमुख वित्त सचिव हिमाचल सरकार नें प्रदेश की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की है उसमें बताया गया है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भता फ्रीज किया जाएगा, पेंशनरों की बकाया राशि भी नहीं दिया जा सकता है। 

सहारा योजना, हिम केयर योजनाएं बंद करनी पड़ेंगी और भी बहुत सारी कटौतियों का हवाला दिया है। लेकिन माननीयों के वेतन भत्तों और पेंशन की कटौती और फिजूलखर्ची पर कोई भी सुझाव नहीं दिए हैं। जिससे लगता है कि सरकार पेंशनर्स और कर्मचारी विरोधी है और साथ में जन विरोधी भी है।

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