मेलों से चौगान घिरा तो भड़के युवा , व्यापारियों ने भी कहा , बंद हो व्यापारिक गतिविधियां , युवाओं ने निकाली रोष रैली

जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित होने वाले मेलों और लगातार बढ़ रही व्यापारिक गतिविधियों को लेकर अब स्थानीय युवाओं और व्यापारियों में नाराजगी सामने आने लगी है। भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि चौगान मैदान में होने वाले मेलों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक आयोजनों के कारण उन्हें शारीरिक अभ्यास के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है

Sep 30, 2026 - 17:54
Sep 30, 2026 - 18:21
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मेलों से चौगान घिरा तो भड़के युवा , व्यापारियों ने भी कहा , बंद हो व्यापारिक गतिविधियां , युवाओं ने निकाली रोष रैली
मेलों से चौगान घिरा तो भड़के युवा , व्यापारियों ने भी कहा , बंद हो व्यापारिक गतिविधियां , युवाओं ने निकाली रोष रैली
यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  30-09-2026
जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित होने वाले मेलों और लगातार बढ़ रही व्यापारिक गतिविधियों को लेकर अब स्थानीय युवाओं और व्यापारियों में नाराजगी सामने आने लगी है। भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि चौगान मैदान में होने वाले मेलों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक आयोजनों के कारण उन्हें शारीरिक अभ्यास के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। वहीं स्थानीय व्यापारियों ने भी चौगान मैदान में लगने वाले मेलों को अपने कारोबार के लिए नुकसानदायक बताते हुए व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग उठाई है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को पहाड़ी शिवालिक जनकल्याण संगठन के बैनर तले युवाओं ने नाहन में रोष रैली निकाली। 
रैली के बाद युवाओं ने जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। युवाओं ने कहा कि चौगान मैदान का उपयोग मुख्य रूप से खेल एवं युवाओं की शारीरिक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए, ताकि पुलिस, सेना और अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अभ्यास के लिए पर्याप्त सुविधा मिल सके। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि चौगान मैदान नाहन शहर में युवाओं के लिए शारीरिक अभ्यास का प्रमुख स्थान है। भर्ती की तैयारी करने वाले युवा यहां दौड़, वॉक और अन्य शारीरिक अभ्यास करते हैं। लेकिन जब मैदान में मेले, प्रदर्शनियां और दुकानें लगती हैं तो मैदान का बड़ा हिस्सा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए घिर जाता है। इससे युवाओं को नियमित अभ्यास करने में परेशानी होती है। 
युवाओं ने मांग उठाई कि चौगान मैदान में मेलों और व्यापारिक गतिविधियों को बंद किया जाए तथा मैदान को प्राथमिक रूप से खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। युवाओं का कहना है कि भर्ती की तैयारी के लिए नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है और मैदान उपलब्ध नहीं होने से उनकी तैयारियां प्रभावित होती हैं। युवाओं ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चम्बा मैदान को सुबह 3 बजे से रात 9 बजे तक खुला रखने की मांग भी जिला प्रशासन के समक्ष रखी है। उनका कहना है कि यदि चौगान मैदान में अन्य गतिविधियों के चलते अभ्यास संभव नहीं है तो चम्बा मैदान को निर्धारित समय के अनुसार युवाओं के लिए उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि कई युवा सुबह तड़के और शाम के समय ही भर्ती की तैयारी के लिए अभ्यास कर पाते हैं। ऐसे में मैदान के खुलने और बंद होने का समय उनकी तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। 
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि चम्बा मैदान को पर्याप्त समय तक खोला जाए, ताकि भर्ती की तैयारी करने वाले युवा नियमित रूप से शारीरिक अभ्यास कर सकें। पहाड़ी शिवालिक जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष योगी ठाकुर ने कहा कि युवाओं की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। संगठन की ओर से पहले भी जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि शहर में उपलब्ध खेल मैदानों को व्यावसायिक आयोजनों के लिए लगातार इस्तेमाल किया जाएगा तो भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। योगी ठाकुर ने प्रशासन से मांग की कि चौगान मैदान को खेल गतिविधियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाया जाए और युवाओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उचित व्यवस्था की जाए। दूसरी ओर चौगान मैदान में होने वाली व्यापारिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय व्यापारी भी जिला प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करवा चुके हैं। 
स्थानीय व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से मुलाकात कर चौगान मैदान में मेलों और दुकानों के आयोजन को बंद करवाने की मांग उठाई। व्यापारियों का कहना है कि चौगान मैदान में जब मेले और अस्थायी दुकानें लगती हैं तो बाहर से आने वाले व्यापारी यहां अपना सामान बेचते हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ता है। स्थानीय व्यापारी नियमित रूप से शहर में दुकानें चलाते हैं और विभिन्न प्रकार के कर एवं अन्य खर्च वहन करते हैं। ऐसे में मेलों में बाहर से आने वाले व्यापारियों को बाजार उपलब्ध होने से स्थानीय कारोबार प्रभावित होने की बात व्यापारियों ने प्रशासन के समक्ष रखी। व्यापार मंडल नाहन के अध्यक्ष दिग्विजय गुप्ता ने कहा कि चौगान मैदान शहर की महत्वपूर्ण सार्वजनिक एवं खेल संपत्ति है। उनके अनुसार यहां व्यापारिक गतिविधियों के बजाय खेल, सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। 
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि चौगान मैदान में व्यावसायिक मेलों और दुकानों के आयोजन को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि स्थानीय व्यापारियों और युवाओं दोनों की समस्याओं का समाधान हो सके। फिलहाल चौगान मैदान को लेकर युवाओं और स्थानीय व्यापारियों की ओर से उठाई गई मांगों के बाद गेंद अब जिला प्रशासन के पाले में है। युवाओं को जहां भर्ती की तैयारी के लिए पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध करवाने की मांग है, वहीं स्थानीय व्यापारी चौगान में व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन दोनों पक्षों की मांगों को लेकर क्या निर्णय लेता है।

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