अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क शून्य हुआ तो बर्बाद हो जाएंगे बागवान : कुलदीप राठौर 

केंद्र सरकार की ओर से अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में अगर वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क शून्य किया गया तो हिमाचल के सेब बागवान बर्बाद हो जाएंगे

Mar 31, 2026 - 20:23
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अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क शून्य हुआ तो बर्बाद हो जाएंगे बागवान : कुलदीप राठौर 
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यंगवार्ता न्यूज़ -  शिमला    31-03-2026

केंद्र सरकार की ओर से अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में अगर वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क शून्य किया गया तो हिमाचल के सेब बागवान बर्बाद हो जाएंगे। केंद्र सरकार अमेरिका से सेब आयात को लेकर जो भी समझौता करे, उसमें अनिवार्य तौर पर हिमाचल को शामिल किया जाना चाहिए। मंगलवार को विधानसभा में ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इस विषय पर संकल्प रखा। 

राठौर ने कहा कि हिमाचल के 2 लाख परिवार सेब बागवानी से जुड़े हैं। हिमाचल की आर्थिकी पूरी तरह सेब पर निर्भर है। अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील को लेकर जो सूचनाएं मिल रही हैं उनमें वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क शून्य करने की तैयारी की चर्चा चल रही है। अगर ऐसा होता है तो इससे हिमाचल के बागवानों के लिए आत्मदाह की स्थिति बन जाएगी।

केंद्र सरकार सेब के मसले पर जो चर्चा कर रही है उसमें सेब राज्यों हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड को अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर पक्ष और विपक्ष को एक जुट होकर विधानसभा से संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए कि सेब आयात को लेकर जो भी फैसला हो उसमें प्रदेश को शामिल किया जाए। 

अमेरिका के दबाव में आकर केंद्र सरकार हिमाचल की आर्थिकी को बरबाद करने पर तुली है। ट्रंप के दबाव में केंद्र सरकार फैसले ले रही है जो सही नहीं है। सेब उत्पादन को लेकर हिमाचल की तुलना अमेरिका के वाशिंगटन से नहीं हो सकती। 

हिमाचल में जहां अधिकांश सेब के बगीचे एक से दो एकड़ में लगे हैं वहीं अमेरिका में औसत बगीचे 100 एकड़ में लगे हैं। अमेरिका में सालाना औसतन सेब उत्पादन 50 से 80 टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि हिमाचल में प्रति हेक्टेयर उत्पादन 6 से 7 टन है।

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