हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने पर होगा विचार : सीएम सुक्खू 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने पर विचार किया जाएगा। कर्मचारियों को रोबोटिक सर्जरी करवाने पर मेडिकल रीइंबर्समेंट सुविधा भी देंगे

Mar 31, 2026 - 20:19
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हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने पर होगा विचार : सीएम सुक्खू 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    31-03-2026

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने पर विचार किया जाएगा। कर्मचारियों को रोबोटिक सर्जरी करवाने पर मेडिकल रीइंबर्समेंट सुविधा भी देंगे। प्रदेश से बाहर बड़े अस्पताल में एक्सपोजर विजिट पर सर्जरी करने वाले डाॅक्टर भेजे जाएंगे। 

भाजपा विधायक राकेश जम्वाल, विपिन सिंह परमार, केवल सिंह पठानिया और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए सिर्फ स्पेशल वार्ड में रहने वाले मरीजों से एक लाख रुपये शुल्क लिया जाता है। सामान्य वार्ड के मरीजों से 50 हजार रुपये लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी फिलहाल आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के पैकेज में शामिल नहीं है। आयुष्मान योजना केंद्र सरकार की है। इसमें केंद्र ने ऐसा प्रावधान नहीं किया है। हिमकेयर का ऑडिट भी चल रहा है। 

रोबोटिक सर्जरी पर अनुमानित व्यय 90 हजार से 1.20 लाख रुपये है। सरकार इस पर 70 हजार रुपये तक का अनुदान दे रही है। शुरुआत में राज्य सरकार ने केवल दो रोबोटिक मशीनें खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन बाद में इसी टेंडर पर दो और मशीनें खरीदीं।

चमियाना और टांडा के लिए ये मशीनें 28,44,11,852 रुपये और आइजीएमसी, हमीरपुर व नेरचौक के लिए मशीनें 27,05,55,140 रुपये में खरीदी गई है। सरकार ने रोबोटिक मशीनें एम्स अस्पताल से एक करोड़ सस्ते दाम पर खरीदी है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। अभी यूरोलाजी, गायनी व जनरल सर्जरी हो रही है। जिस कंपनी से सरकार ने मशीनें खरीदी हैं वही इसकी ट्रेनिंग भी डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को दे रही है। 

कंपनी अगले पांच साल तक इन रोबोटिक मशीनों की देखभाल भी करेगी। अभी तक 20 डाक्टर, 10 ओटीए व नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। मेडिकल काॅलेजों में भी एमआरआई मशीनों को बदला जा रहा है। एक जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2026 तक 216 रोबोटिक सर्जरी और 20,770 लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की गई है।

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