यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 24-03-2026
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ कर्नल धनिराम शांडिल ने कहा कि टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रित और मिशन-आधारित कार्यान्वयन के माध्यम से इस लक्ष्य को प्राप्त करने के भरसक प्रयास किये जायेंगे। स्वास्थ्य मंत्री आज यहां विश्व क्षय रोग दिवस 2026 पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (2.0) के शुभारम्भ को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में टीबी के मामलों में अब स्थिरता आ गई है और अब इनमें लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है जोकि विभाग के दृढ़ निश्चय और ज़मीनी स्तर पर किए जा रहे प्रभावी कार्यों को दर्शाता है।
दिसंबर 2024 के दौरान आरम्भ किये गए टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन किया और लगभग 14.9 लाख अतिसंवेदनशील लोगों कि पहचान कर उनकी जाँच की और 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया। इनमें से 46 प्रतिशत लोगों की एक्स-रे जाँच भी की गई जोकि देश भर में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना गया। यह उपलब्धियाँ स्पष्ट रूप से सक्रिय मामलों की पहचान, शीघ्र निदान और अंतिम व्यक्ति तक सेवा वितरण के क्षेत्र में हमारे राज्य के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती हैं। डॉ. शांडिल ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत पहल के तहत भी हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में 731 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इसी प्रकार, वर्ष 2024 में 823 और वर्ष 2025 में 1052 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (2.0) के तहत प्रदेश के 5176 उच्च जोखिम वाले गाँव और शहरी वार्ड को कवर किया जाएगा। इस दौरान पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों और झुग्गी-झोपडी में रहने वाले लोगों की एआई आधारित हाथ में पकड़ी जाने वाली एक्स-रे मशीन के माधयम से जांच की जाएगी।
मोबाइल यूनिट और आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित कर व्यापक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी जिसमें स्थानीय सांसद, विधायक और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने शरीर का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से 'इट वेल, लिव वेल एंड थिंक वेल' का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा अगर हम अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखेंगे और संतुलित आहार लेंगे तो हमारा शरीर रोग निरोधक बनेगा जिससे हम अनेको रोगों से बचे रहेंगे। विधायक शिमला शहरी हरीश जनारथा ने कहा कि प्रदेश और जिला में टीबी के मामलों की स्थिरता यह दर्शाती है कि प्रदेश में इस बीमारी को रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले सालों के डाटा के अनुसार प्रदेश ने टीबी उन्मूलन को लेकर बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार के टीबी उन्मूलन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और अच्छी आदतों को अपनाने का आग्रह किया ताकि वह निरोगी रहें।
उन्होंने टीबी के मरीजों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और उनकी सहायता करने का भी आग्रह किया ताकि वह जल्द स्वस्थ हो सकें। मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताय कि 100 दिन का यह अभियान राष्ट्रीय स्तर और प्रदेश स्तर पर अभिन्न अंग है। इस अभियान के दूसरे चरण टीबी की रोकथाम में मील का पत्थर साबित होगा। उप मिशन निदेशक डॉ राजेश गुलेरी ने पीपीटी के माध्यम से टीबी के बारे में प्रदेश को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से दोगुना टेस्ट किए जाते हैं। इस दौरान विभिन्न कॉर्पोरेट संगठनों को टीबी उन्मूलन में उनके अतुलनीय सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, टीबी चैम्पियंस को भी सम्मानित किया गया जिनमें कृष्णा देवी और संतोष शामिल रही।