यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 13-09-2026
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज कोटखाई उपमंडल की सीमावर्ती पंचायत देवगढ़ में मौजूद रहे जहाँ पर उन्होंने माँ कामक्षा रेहाली मेला सांबर बेयोण में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों को इस मेले की हार्दिक शुभकामनायें दीं और माता का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की उन्नति की कामना की। इस दौरान उनके साथ ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी देवी देवताओं से क्षेत्रवासियों के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है और यहाँ की विशिष्ट संस्कृति पुरे विश्व में अनूठी है और आम जनमानस इससे गहराई तक जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि इसी संस्कृति के आधार पर ही हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ है।
हिमाचल निर्माता और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी संस्कृति को आधार बनाकर हिमाचल प्रदेश को एक अलग पहाड़ी राज्य बनाने का प्रयत्न किया और उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही हिमाचल आज अपने वर्तमान स्वरुप में अस्तित्व में है। रोहित ठाकुर कहा कि मेले और त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है और यह आवश्यक है कि हम सब इन सांस्कृतिक धरोहरो को संजो कर रखे जिससे हमारी महान और अनूठी देव संस्कृति अनंत काल तक संरक्षित रह सके। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमें आपसी प्रेम सद्भाव और मेलजोल का संदेश देती है और हमें जहाँ वर्त्तमान वैज्ञानिक युग में वैश्विक परिस्थितियों में सबके साथ आगे बढ़ना होगा, वहीं यह भी जरुरी है कि हम अपनी पुरातन और मूल संस्कृति से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा स्थानीय बोलियों के संरक्षण हेतू स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को अपनी स्थानीय बोली में वार्तालाप करने को भी अनिवार्य किया है जिससे कि बच्चों को अपनी बोलियों का ज्ञान हो सके और इन्हे लुप्त होने से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि ठोडा हमारे पहाड़ी क्षेत्र का एक ऐतिहासिक खेल है जिसका इतिहास महभारत कालीन योद्धाओं से जुड़ा हुआ है। वर्त्तमान समय में इस खेल में शाठी और पांशी क्षेत्र के लोग आपस में धनुष बाण से खेलते हैं। इसमें शाठी कोरवों और पांशी पांडवो का प्रतिनिधित्व करते हैं। रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ठोडा को अंडर-19 खेलों के अंतर्गत मंज़ूरी प्रदान की है। अब यह प्रतियोगिताएं स्कूलों के स्तर पर आयोजित की जाएंगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल के स्कूलों में प्रदेश के समृद्ध इतिहास, कला और संस्कृति को इस समय पढ़ाया जा रहा है। इस विषय में और अधिक सुधार कर और बेहतर बनाया गया है। अगले शैक्षणिक सत्र से छठी कक्षा से इन विषय के पठन-पाठन पर विशेष बल दिया जायेगा और अधिक व्यापक स्तर पर पढ़ाया जायेगा जिससे कि विद्यार्थी अपने राज्य और संस्कृति के विषय में और अधिक बेहतर ढंग से जान पाएंगे।
उन्होंने बताया कि देवगढ़ पंचायत उनके विधानसभा क्षेत्र की सीमावर्ती पंचायत है और इस पंचायत से उनका एक भावनात्मक सम्बन्ध रहा है। विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस पुरे विधानसभा क्षेत्र की तरह ही इस क्षेत्र में भी विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं जिसके तहत इस क्षेत्र की प्रमुख सड़क हिमरी वैली सड़क और कनरोट से जंगरोली सड़क को 17 करोड़ रूपये से स्त्रोन्नत किया गया है जिसका सीधा लाभ इस क्षेत्र के किसानों बागवानो को मिलेगा। साथ ही बियोन से ठाणा मेला मैदान के लिए भी 25 लाख रूपये से 700 मीटर लम्बी सड़क की सफलतापूर्वक पासिंग की गई है। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय मेला कमेटी को 30000 रुपए और दोनों ठोडा दलों को 10-10 हज़ार रूपये देने की घोषणा की।