प्रदेश के स्कूलों में अब स्थानीय बोली में भी होगी बातचीत, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने लिया फैसला  

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब स्थानीय बोली में भी बातचीत होगी। माह के आखिरी शनिवार को बैग फ्री डे के दौरान इसे लेकर आधे घंटे की विशेष गतिविधियां स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। स्थानीय भाषा और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया

Jul 29, 2025 - 16:47
Jul 29, 2025 - 17:12
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प्रदेश के स्कूलों में अब स्थानीय बोली में भी होगी बातचीत, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने लिया फैसला  
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ -  शिमला    29-07-2025

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब स्थानीय बोली में भी बातचीत होगी। माह के आखिरी शनिवार को बैग फ्री डे के दौरान इसे लेकर आधे घंटे की विशेष गतिविधियां स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। स्थानीय भाषा और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। 

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से सभी जिला उपनिदेशकों को इस संदर्भ में पत्र जारी किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का पालन करते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों में भाषाई विविधता और सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है।

स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार शिक्षक अब हर महीने के आखिरी शनिवार को बैग फ्री डे के दौरान विद्यार्थियों के साथ उनकी स्थानीय बोलियों में बातचीत करने के लिए 30 मिनट समर्पित करेंगे। इस कदम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद की खाई को पाटना है, खासकर उन बच्चों को लाभ पहुंचाना है जो घर पर मुख्य रूप से क्षेत्रीय बोली बोलते हैं। 

यह पहल एनईपी 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है, जो प्रारंभिक और आधारभूत शिक्षा में मातृ भाषाओं और स्थानीय भाषाओं के महत्व पर जोर देती है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भाषाई विविधता को बढ़ावा देना और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध बोली विरासत को संरक्षित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

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