सामाजिक चेतना व जनभागीदारी की मिसाल बना हरोली उत्सव ,10 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा 

हरोली के कांगड़ मैदान में 27 से 29 अप्रैल तक सजे राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2025 ने सामाजिक चेतना, जनभागीदारी और सांस्कृतिक समरसता की अनूठी अलख जगाई है। जनता की व्यापक भागीदारी ने इस आयोजन को एक जन आंदोलन में बदल दिया । 7 वर्षों के अंतराल के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से राज्यस्तरीय सजधज के साथ हुए इस आयोजन ने देशभक्ति की लहर और नशा निवारण की अलख जगाने का काम किया

Apr 30, 2025 - 20:49
Apr 30, 2025 - 21:34
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सामाजिक चेतना व जनभागीदारी की मिसाल बना हरोली उत्सव ,10 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा 
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यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना  30-04-2025
हरोली के कांगड़ मैदान में 27 से 29 अप्रैल तक सजे राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2025 ने सामाजिक चेतना, जनभागीदारी और सांस्कृतिक समरसता की अनूठी अलख जगाई है। जनता की व्यापक भागीदारी ने इस आयोजन को एक जन आंदोलन में बदल दिया । 7 वर्षों के अंतराल के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से राज्यस्तरीय सजधज के साथ हुए इस आयोजन ने देशभक्ति की लहर और नशा निवारण की अलख जगाने का काम किया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने 27 अप्रैल को भव्य शोभायात्रा के साथ इस उत्सव का शुभारंभ किया था। यह तीन दिवसीय आयोजन नशा मुक्त हिमाचल के संदेश के साथ समाज को जागरूक करने का शानदार माध्यम बना। उत्सव की शुरुआत शोभायात्रा से हुई, जिसमें नशे को ना, जिंदगी को हां" का संदेश दिया गया। इस शोभायात्रा में छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों और सांस्कृतिक दलों की भागीदारी ने जन चेतना को नई दिशा दी। देशभक्ति के गीतों से सजे वातावरण ने उत्सव को भावनात्मक ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। 
वहीं, ये उत्सव वैश्विक रंगत से भी सराबोर रहा। जापान, ब्रिटेन, ब्राज़ील, रूस समेत 10 से अधिक देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने इसमें सम्मिलित होकर इसे वैश्विक रंगत दी। उन्होंने अपने अपने देश की पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। फायर डांस, यूक्रेनियन ड्रम बैंड, लाइट मैन और रोबोट मैन जैसी आधुनिक प्रस्तुतियों ने भी पारंपरिक मंच को नवाचार से जोड़ा। वहीं, तीनों सांस्कृतिक संध्याओं में हिमाचली, पंजाबी और अंतर्राष्ट्रीय रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। दूसरी संध्या को पूरी तरह हिमाचली कलाकारों को समर्पित कर उप मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देने की अपनी प्रतिबद्धता को साकार किया। विभिन्न विभागों ने कांगड़ में विकास प्रदर्शनी लगा कर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों ने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। कृषि विभाग द्वारा पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने की पहल को भी खूब सराहा गया। हरोली उत्सव में आयोजित मटका फोड़, मेहंदी, म्यूजिकल चेयर, रंगोली बेबी शो , रस्साकशी , डॉग शो जैसी प्रतियोगिताओं ने पंचायती राज संस्थानों , महिला मंडलों, सरकारी विभागों के कर्मचारियों, बच्चों और युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की। 
क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों और कॉलेजों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्सव में सहभागिता दर्ज की। वहीं, खेलों को बढ़ावा देकर नशे पर प्रहार करने की सोच के साथ महिला और पुरुष वर्गों की कबड्डी प्रतियोगिता, बच्चों और युवाओं की मैराथन के आयोजन किए गए। पारंपरिक छिंज जैसे आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बने। उत्सव 29 अप्रैल को आनंद और उत्साह के शिखर पर सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को साधुवाद दिया। उन्होंने उत्सव में बढ़चढ़ कर भाग लेकर इसे सफल बनाने के लिए सभी हरोली वासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ये जनभावनाओं का उत्सव है। इसमें देश भक्ति की लहर है। राज्यपाल जी ने इसका शुभारंभ करते हुए सामाजिक  जागरूकता का बड़ा संदेश दिया है। नशा निवारण की बड़ी अलख यहां से जगी है। यह उत्सव अगले साल और भी भव्यता और नए कलेवर के साथ आयोजित किया जाएगा।

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