सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन संघ ने फ़िर किया चक्का जाम , बैक लॉग कोटे की भर्तियों की मांग को लेकर 551 दिनों से जारी है आंदोलन

बैकलॉग कोटे की भर्तियां करने की मांग को लेकर दृष्टिबाधित संघ आज फिर से सचिवालय के बाहर चक्का पर बैठ गए हैं जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। 25 दिन से दृष्टिहीन संघ के लोग सचिवालय के पास अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे है , जबकि इससे पहले लगभग डेढ़ वर्ष से संघ शिमला के कालीबाड़ी के धरने पर बैठा था। दृष्टिबाधितों का कहना है कि लगभग डेढ़ वर्ष से शिमला में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे है

Apr 21, 2025 - 19:50
Apr 21, 2025 - 20:18
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सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन संघ ने फ़िर किया चक्का जाम , बैक लॉग कोटे की भर्तियों की मांग को लेकर 551 दिनों से जारी है आंदोलन
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  21-04-2025
बैकलॉग कोटे की भर्तियां करने की मांग को लेकर दृष्टिबाधित संघ आज फिर से सचिवालय के बाहर चक्का पर बैठ गए हैं जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। 25 दिन से दृष्टिहीन संघ के लोग सचिवालय के पास अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे है , जबकि इससे पहले लगभग डेढ़ वर्ष से संघ शिमला के कालीबाड़ी के धरने पर बैठा था। दृष्टिबाधितों का कहना है कि लगभग डेढ़ वर्ष से शिमला में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे है और खुले आसमान के नीचे सचिवालय के बाहर भी 25 दिन धरना प्रदर्शन करते हुए हो गए हैं , लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। 
ऐसे चक्का जाम ही उपाय है जिससे प्रशासन के कानों तक आवाज पहुंचाई जा रही है। जब तक सरकार के मंत्री या मुख्य सचिव बातचीत के लिए नहीं आ जाते तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। कई बार सरकार कर साथ वार्ता भी हुई है लेकिन भर्तियां नहीं हो रही है इस बार आर पार की लड़ाई के लिए दृष्टिहीन संघ तैयार है और जब तक बैक लॉग कोटे की भर्तियां नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि दृष्टि बाधित संघ शिमला में अपनी मांगों को लेकर लगभग एक वर्ष से भी अधिक समय से धरने पर बैठा है। दृष्टिबाधित सरकार से बैक लॉग कोटे के खाली पड़े पदों को एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं। 
दृष्टिबाधितों का कहना है कि 1995 के बाद उनके कोटे के पद सरकार भर नहीं रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी भर्तियों के आदेश दिए हैं।  गौर हो कि पिछले 551 दिन से शिमला में दृष्टिहीन जन संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। दृष्टिहीन जन संगठन के युवा सचिव राजेश ठाकुर ने बताया कि वह विभिन्न विभागों में खाली पड़े  दृष्टिहीनों कोटे के बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं। सरकार से कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं, जिसके चलते दृष्टिहीन संघ धरने के साथ कई बार चक्का जाम कर चुका है। 
जब वह चक्का जाम करते हैं तो उन्हें वार्ता के लिए बुलाया जाता है। लेकिन बाद में कुछ नहीं होता। पुलिस उनके साथ दुर्व्यवहार कर रही है। जब तक चक्का जाम चलता रहेगा जब तक कि मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव उनसे मिलने नहीं आते हैं। उन्होंने  कहा कि वह पिछले लंबे समय से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे है लेकिन बजट में दृष्टिहीनों का ख्याल नहीं रखा गया न ही उनको नौकरी दी जा रही है। लंबे अरसे से दृष्टिहीन कोटे के विभिन्न विभागों में पद खाली चल रहे हैं लेकिन सरकार इसमें भर्तियां नहीं कर रही है।

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