एफटीए से हिमाचल और जेएंडके के सेब उत्पादकों को होगा नुकसान : सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर राज्य के श्रीनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में में हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) और जम्मू-कश्मीर के साथ  हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों पर इसके असर पर गहरी चिंता जताई

Feb 19, 2026 - 20:48
Feb 19, 2026 - 23:20
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एफटीए से हिमाचल और जेएंडके के सेब उत्पादकों को होगा नुकसान : सीएम सुक्खू
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    19-02-2026

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर राज्य के श्रीनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में में हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) और जम्मू-कश्मीर के साथ  हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों पर इसके असर पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि इन एग्रीमेंट से आयातित सेब, अखरोट, बादाम और बागवानी के दूसरे उत्पादों में भारी बढ़ोतरी होगी। 

जिससे स्थानीय किसानों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ेगा, जिन्हें अपनी फसलों के लिए सही दाम पाने में मुश्किल हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी पॉलिसी के बुरे नतीजे आने वाले वर्षों में और ज्यादा साफ दिखेंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खेती और बागवानी हिमाचल और जम्मू-कश्मीर दोनों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो उनकी आबादी के एक बड़े हिस्से को सहारा देती हैं। 

उन्होंने बताया कि अकेले हिमाचल की सेब इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर लगभग 5,000 करोड़ है और यह लगभग 2.5 लाख परिवारों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देती है। इसी तरह, जम्मू-कश्मीर में भी आबादी का एक बड़ा हिस्सा रोजी-रोटी के लिए बागवानी पर निर्भर है, जिसमें सेब, अखरोट और बादाम इस इलाके की खेती की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।

सुक्खू ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूजीलैंड, यूएसए और यूरोपियन यूनियन जैसे देशों के साथ एफटीए किया है, जिसके तहत सेब और सूखे मेवों पर इंपोर्ट ड्यूटी कथित तौर पर कम कर दी गई है। उनके अनुसार इन पॉलिसी फैसलों से दोनों राज्यों के किसानों और बागवानों के हितों को सीधे नुकसान होगा। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे एग्रीमेंट भारत के किसानों या आम लोगों के हितों की पूर्ति नहीं करते हैं और उन पॉलिसी पर फिर से विचार करने की मांग की जो घरेलू खेती की स्थिरता को खतरे में डाल सकती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होंगी। अपनी पार्टी का वादा दोहराते हुए सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों और बागवानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों और भलाई की वकालत करती रहेगी।

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