घर बनाने को तीन लाख देगी सरकार, हिमाचल में अब तक 26 महिलाओं को दी 78 लाख की सहायता
प्रदेश सरकार ने विधवा एवं एकल महिलाओं को पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिए आर्थिक सहायता देने की पहल की है। ‘मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को घर के निर्माण के लिए तीन लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 21 सितंबर :
प्रदेश सरकार ने विधवा एवं एकल महिलाओं को पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिए आर्थिक सहायता देने की पहल की है। ‘मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को घर के निर्माण के लिए तीन लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विधवा एवं एकल महिलाओं को अपना आशियाना बनाने में मदद करना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हर इनसान के लिए अपने घर की छत केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का आधार भी होती है। ऐसे में जिन महिलाओं के सामने आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपना घर बनाने की चुनौती है, सरकार उन्हें सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में महिलाओं के साथ खड़े होकर उनके जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार योजना के तहत अब तक प्रदेश की 26 विधवा एवं एकल नारी बहनों को घर निर्माण के लिए कुल 78 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इससे इन महिलाओं को अपना घर बनाने में आर्थिक मदद मिली है। सरकार ने योजना को आगे भी जारी रखने के लिए चालू वित्त वर्ष में दो करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। सरकार के मुताबिक, योजना का लाभ पात्र विधवा एवं एकल महिलाओं को आवास निर्माण के लिए दिया जा रहा है। तीन लाख रुपए की सहायता ऐसे परिवारों के लिए महत्त्वपूर्ण है, जिन्हें सीमित आय के कारण घर का निर्माण करवाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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