सोलन के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका राज्य सरकार ईडी से करवा सकती है इसकी जांच
सोलन के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका है। राज्य सरकार इसकी जांच ईडी से करवा सकती है। सरकार इस मामले में डीसी सोलन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जांच का फैसला लेगी
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 21-04-2026
सोलन के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका है। राज्य सरकार इसकी जांच ईडी से करवा सकती है। सरकार इस मामले में डीसी सोलन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जांच का फैसला लेगी।
उधर, राजस्व मंत्री ने सोमवार को डीसी सोलन को फोन कर इस मामले की फास्ट ट्रैक जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया। राजस्व मंत्री ने बताया कि शुरुआती जांच में करीब 150 बीघा जमीन में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि चेस्टर हिल कंपनी ने एक व्यक्ति को पार्टनर बनाकर उसके नाम पर जमीन खरीदी और उसी आधार पर रेरा में पंजीकरण करवाया गया। जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन खरीदी गई, वह कंपनी का कर्मचारी भी रहा है।
मंत्री ने कहा कि संबंधित व्यक्ति की आय के स्रोत जमीन की खरीद के अनुरूप नहीं हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है। जमीन की रजिस्ट्रियों और लेनदेन की गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन खरीदी गई उसकी आमदनी इतनी नहीं है, जिसके चलते यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बन सकता है। राज्य सरकार बेनामी संपत्ति के एंगल से भी इस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस पूरे प्रकरण में जमीन की कीमत करीब 300 करोड़ तक हो सकती है।
राजस्व मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रेरा एक स्वतंत्र इकाई है और नियमों के उल्लंघन पर उसे कार्रवाई करनी होती है। रेरा की ओर से लगाया गया जुर्माना केवल एक प्रारंभिक कदम है, जबकि राजस्व विभाग की ओर से भी धारा 118 के उल्लंघन की जांच जारी है। राजस्व विभाग धारा 118 के उल्लंघन, टीसीपी नियमों की अनदेखी और रेरा अपने नियमों के तहत जांच कर रहा है।
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