हिमाचल में 16 जून से शुरू होगा पहला चरण, डिजिटल तकनीक से पहली बार होगी जनगणना।
हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं।जनगणना का पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तकनीक, मोबाइल एप और स्व-गणना की सुविधा से लैस होगी। इसके लिए हजारों गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिमला 29 मई, 2026 :
दीप शिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 देश की सबसे बड़ी सांख्यिकीय और प्रशासनिक कवायद है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, आवासीय स्थिति, परिवारों, आर्थिक गतिविधियों तथा सामाजिक संरचना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पहला चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का होगा, जो 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। दीप शिखा शर्मा ने बताया कि इस बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए 1 जून से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध रहेगा, जहां परिवार स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद गणनाकर्ता घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले चरण के सफल संचालन के लिए लगभग 20,630 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। इनके प्रशिक्षण के लिए राज्यभर में मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 1 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। दीप शिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना का कार्य इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए विशेष रूप से विकसित HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) मोबाइल एप का उपयोग होगा, जिससे वास्तविक समय में डेटा अपलोड, बेहतर निगरानी और त्रुटियों में कमी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनेगी।
उन्होंने प्रदेश के सभी निवासियों से जनगणना कार्य में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां जनगणना अधिनियम-1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
दीप शिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना-2027 से प्राप्त आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, विद्युत, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा अन्य विकास योजनाओं के बेहतर नियोजन और संसाधनों के आवंटन में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का सहयोग प्रदेश और देश के समावेशी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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