नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : उपायुक्त प्रियंका वर्मा
जिला सिरमौर में नशे के दुरुपयोग की रोकथाम तथा जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्ययोजना के अंतर्गत एक दिवसीय हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ नशे की रोकथाम, पहचान, उपचार एवं पुनर्वास के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। इस दौरान उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे की आदत न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित कर रही है। नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, जागरूकता और पुनर्वास जैसे उपायों को अपनाकर बहुआयामी रणनीति के तहत इस समस्या के समाधान के लिए कार्य किया जाए।
नशा-मुक्त हिमाचल का सपना साकार करने के लिए शैक्षणिक संस्थान, खेल संगठन, स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएं तथा समाज मिलकर सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने अभिभावकों व अध्यापकों से बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलाव पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से नशा-मुक्त हिमाचल बनाने और इसे जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत तहसील कल्याण अधिकारी शिलाई विजय सिंह द्वारा प्रतिभागियों के स्वागत एवं कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके उपरांत कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब की ओर से सहायक प्रोफेसर मनीषा सहगल ने नशे की रोकथाम, जागरूकता एवं समय रहते हस्तक्षेप के विषय पर प्रस्तुति दी।
हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज की ओर से सत्यवान पुंडीर ने नशे की समस्या और इसके दुष्प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। ब्रह्मकुमारी संस्था की दीप शीखा ने नशा मुक्ति एवं ध्यान के महत्व पर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर पुलिस विभाग से एसएचओ कुलवीर सिंह ने नशे के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि स्वास्थ्य विभाग से डाॅ अनुपमा अरोड़ा तथा डाॅ स्वास्तिक पुंडीर ने नशे की पहचान, रोकथाम एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। शिक्षा विभाग के विवेक कौशिक द्वारा भी नशा विरोधी जागरूकता पर प्रस्तुति दी गई।
कार्यशाला में आईटीआई के छात्र मुस्कान और आदित्य ने नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रस्तुत कर युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसके अलावा हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज द्वारा नशा विरोधी जागरूकता पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। कल्याण विभाग की ओर से तहसील कल्याण अधिकारी विजय सिंह
ने कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, संस्थाओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में तहसील कल्याण अधिकारी सरला कुमारी, सुमन शर्मा, धर्मी देवी, चंचल,गोविन्द प्रसाद, सांख्यिकी वरिष्ठ सहायक समीअली, सहायक राजू अली, सहित विभिन्न पंचायतों के प्रधान उपस्थित रहे।
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