शिमला 14 मई, 2026 :
प्रदेश की राजधानी शिमला में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना भारी पड़ेगा। जुर्माने की राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया है। बिना पास प्रतिबंधित और सील रोड पर वाहन चलाने पर 10 हजार तक जुर्माना होगा। नियम उल्लंघन पर जेल का भी प्रावधान किया गया है। बजट सत्र में पारित हुए संशोधन विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। बुधवार को राजपत्र में विधि विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई। यातायात व्यवस्था और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को और सख्त बनाने के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया है।
बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर बिना पास के गाड़ियां चलाने वालाें के खिलाफ जुर्माने और दस दिन की कैद का प्रावधान जोड़ा गया है। संशोधन विधेयक में तीन धाराओं में संशोधन और एक नई धारा को शामिल किया गया है। धारा - 6 में बंधित सड़कों के लिए पास देने या इनके नवीकरण का प्रावधान है। बंधित सड़क पर निजी वाहनों के पास के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये है। यह अब 500 रुपये होगी। पास जारी करने के लिए यह 2,000 रुपये है जो अब 10,000 रुपये होगी।
अवहेलना के अलग-अलग प्रकार के अपराधों पर 10 और 15 दिन की कैद हो सकती है। गंभीर मामलों में अधिकतम जुर्माना 2500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया है। पुलिस अधिकारी मौके पर ही निर्धारित जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि लेकर मामला कंपाउंड भी कर सकेंगे। पास की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर 10 दिन की साधारण कैद भुगतनी होगी। इसके अलावा अधिनियम के अन्य प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 3000 रुपये जुर्माना या 15 दिन की साधारण कैद का प्रावधान रखा गया है। नए कानून के तहत अब सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रैंक से नीचे न होने वाला वर्दीधारी पुलिस अधिकारी मौके पर ही जुर्माना कंपाउंड कर सकेगा।