यंगवार्ता न्यूज़ - बिलासपुर 22-04-2026
बिलासपुर में कथित फर्जी तरीके से वाहन रजिस्ट्रेशन के मामले में चल रही जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। जांच कमेटी पहली जनवरी, 2020 से दिसंबर 2025 तक सदर आरएलए ब्रांच में पंजीकृत वाहनों की जांच कर रही है। अब तक की गई जांच में करीब 500 गाडिय़ों की रजिस्ट्रेशन में तकनीकी खामियां पाई गई हैं तथा आरएलए द्वारा संबंधित लोगों को इन खामियों को पूरा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
संबंधित लोग अपनी गाडिय़ों के कागजात को ठीक करवाने के लिए आरएलए पहुंच रहे हैं। हालांकि जांच में सबसे बड़ी बाधा पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध न होना है। आरएलए बिलासपुर में रहे दोनों कर्मियों में से एक दिल्ली क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है, जबकि दूसरा फरार चल रहा है। संबंधित आरोपियों को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भी जारी किए हैं। बावजूद इसके अभी तक रिकॉर्ड नहीं सौंपा जा सका है। आरोपियों को चार्जशीट करने की प्रक्रिया भी प्रशासनिक स्तर पर शुरू की गई है तथा चार्जशीट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
जानकारी के अनुसार सदर एसडीएम जांच कमेटी को लीड कर रहे हैं और अगले दो तीन महीनों में जांच रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सबमिट करने का दावा किया जा रहा है। उसके बाद आगे यह रिपोर्ट स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) को प्रेषित की जानी है। बता दें कि जिला में कुछ चोरी हुई गाडिय़ों की जाली इंजन नंबर और चैसिस नंबर के आधार पर जाली रजिस्ट्रेशन किए जाने का मामला सामने आया था।
इसकी प्राथमिकी चाणक्यपुरी नई दिल्ली में दर्ज हुई है तथा इसके आधार पर क्राइम ब्रांच दिल्ली की टीम ने आरएलए बिलासपुर में तैनात एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था तथा इसका मुख्य आरोपी अभी तक फरार चल रहा है। एसडीएम सदर डा. राजदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, जल्द ही जांच रिपोर्ट को उपायुक्त के माध्यम से राज्य परिवहन प्राधिकरण को सबमिट की जाएगी।