जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई टिप्पणी के विरोध में एसएफआई का प्रदर्शन, कंगना रनौत का पुतला दहन
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज जंतर-मंतर, नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया तथा उनका पुतला दहन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे पूरे छात्र समुदाय का अपमान बताया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला, 30 जुलाई, 2026 :
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज जंतर-मंतर, नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया तथा उनका पुतला दहन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे पूरे छात्र समुदाय का अपमान बताया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसएफआई एचपीयू इकाई के कैंपस सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी की मनुवादी और पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज़ को सम्मान देने और उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें अपमानित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
इकाई सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी छात्रों की बात सुनने और उनके मुद्दों का समाधान करने की होनी चाहिए, न कि उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने की।
एसएफआई ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों को बदनाम करने या उनकी आवाज़ दबाने के किसी भी प्रयास का संगठन पुरज़ोर विरोध करेगा। छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण पहचान है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
अंत में एसएफआई ने कंगना रनौत से अपनी टिप्पणी वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के सम्मान पर इस प्रकार के हमले जारी रहे तो एसएफआई देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगी।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्र एकता, लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा बचाने के समर्थन में नारे लगाए तथा छात्रों के सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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